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उप्र : हत्या के आरोपी की एनकाउंटर में मौत पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश

Feb
26 2021

लखनऊ, 26 फरवरी (आईएएनएस)। लखनऊ की एक अदालत ने हत्या के आरोपी की कथित रूप से एनकाउंटर में मौत के मामले में जांच और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमारी ने मामला दर्ज करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद कोर्ट द्वारा पुलिस कस्टडी रिमांड में भेजने के बाद 15 फरवरी को गिरिधारी विश्वकर्मा की एनकाउंटर में मौत हो गई थी।

गिरधारी उर्फ डॉक्टर को 6 जनवरी को शहर के पॉश गोमती नगर इलाके में एक गैंगस्टर अजीत सिंह को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सीजेएम सुशीला कुमारी ने गुरुवार को गिरिधारी की मौत के मामले में वकील सर्वजीत यादव की याचिका पर जांच का आदेश दिया, जिन्होंने पहले बचाव पक्ष के वकील के रूप में गिरिधारी का प्रतिनिधित्व किया था।

अदालत ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि पुलिस मुठभेड़ के मामले में, एक एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए और पूरी घटना की सत्यता का पता लगाने के लिए जांच की जानी चाहिए।

अदालत ने कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में गिरधारी को गोली मारी या टीम ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया।

अदालत ने पुलिस उपायुक्त संजीव सुमन, और विभूति खंड के थाना प्रभारी, चंद्र शेखर सिंह को मुठभेड़ स्थल पर मौजूद रहने की बात को संज्ञान में लेते हुए आदेश दिया।

अपने आदेश में, सीजेएम ने कहा कि हालांकि पुलिस ने गिरिधारी की पुलिस हिरासत से भागने और पुलिस पर फायरिंग करने के लिए दो प्राथमिकी दर्ज की लेकिन उसकी मौत की घटना की जांच के लिए कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

इससे पहले, अपने आवेदन में, अधिवक्ता यादव ने आरोप लगाया कि एसएचओ चंद्रशेखर सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने साजिश के तहत गिरधारी को मार डाला और मामले में सबूतों को दबाने के लिए झूठे दस्तावेज तैयार किए।

यह सब तब हुआ जब गिरिधारी खुद सीजेएम द्वारा पारित एक आदेश के आधार पर पुलिस हिरासत में था।

गिरिधारी 15 फरवरी को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। उसे 6 जनवरी को लखनऊ के पॉश गोमती नगर इलाके में अजीत सिंह को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

गिरधारी की एनकाउंटर में मौत के बाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डी.के. ठाकुर ने कहा था कि घटना में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

--आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

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