Kharinews

हिरासत में मौत मामले में संजीव भट्ट की याचिका खारिज

Jun
12 2019

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को संजीव भट्ट की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। भट्ट ने अपनी याचिका में अपने खिलाफ हिरासत में हुई मौत के मामले में गवाहों की नए सिरे से जांच की मांग की थी।

संजीव भट्ट गुजरात के बर्खास्त आईपीएस अधिकारी हैं।

भट्ट ने गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था।

गुजरात उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ मुकदमे के दौरान कुछ अतिरिक्त गवाहों को गवाही के लिए समन देने के उनके आग्रह से इनकार कर दिया था।

गुजरात सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि निचली अदालत ने 30 साल पुराने हिरासत में हुई मौत के मामले में पहले ही फैसले को 20 जून के लिए सुरक्षित रखा है।

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी व न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की सर्वोच्च न्यायालय की अवकाश पीठ ने गुजरात सरकार व अभियोजन पक्ष की दलील को माना कि सभी गवाहों को पेश किया गया था, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है। अब दोबारा मुकदमे पर सुनवाई करना और कुछ नहीं है, बल्कि देर करने की रणनीति है।

भट्ट 1989 के हिरासत में हुई मौत के मामले के आरोपी हैं। यह घटना उनके गुजरात के जामनगर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल के दौरान हुई थी।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि यह मामला एक सांप्रदायिक दंगे से जुड़ा था जब भट्ट ने सौ से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था और इनमें से एक हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत उसकी रिहाई के बाद अस्पताल में हुई थी।

भट्ट को बिना किसी स्वीकृत मंजूरी के गैरहाजिर रहने व आवंटित सरकारी वाहन के दुरुपयोग को लेकर 2011 में निलंबित कर दिया गया था। उन्हें 2015 में बर्खास्त कर दिया गया।

Related Articles

Comments

 

शी, ट्रंप ने फोन पर वार्ता की

Read Full Article

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive