Kharinews

आईआईटी-कानपुर ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए हैप्टिक स्मार्टवॉच विकसित की

May
28 2022

कानपुर, 28 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम ने शनिवार को घोषणा की है कि उसने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए एक नई टच-सेंसिटिव स्मार्ट वॉच विकसित की है जो आधुनिक तकनीकों से लैस हैं।

वॉच में हार्ट रेट और एसपीओ2 जैसे स्वास्थ्य मापदंडों को पढ़ने के लिए पीपीजी (फोटोप्लेथीस्मोग्राफी) जैसे सेंसर शामिल हैं।

दैनिक गतिविधि पर नजर रखने के लिए स्टेप काउंट को मापने के लिए एक्सेलेरोमीटर का उपयोग किया जाता है। इन सभी मापदंडों को व्यक्तिगत रूप से हैप्टिक मेनू का उपयोग करके पढ़ा जा सकता है।

आईआईटी कानपुर के निदेशक, अभय करंदीकर ने कहा, आईआईटी कानपुर में हमारा एक उद्देश्य सभी के लिए नवाचारों को समावेशी बनाना है। यह हैप्टिक स्मार्ट वॉच इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आविष्कार है, जो मुझे विश्वास है कि नेत्रहीनों और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।

उन्होंने कहा, टच-सेंसिटिव और वाइब्रेशन-आधारित विशेषताएं नेत्रहीनों को समय की भावना देने में क्रांतिकारी साबित होंगी। मैं इस आविष्कार के लिए प्रो सिद्धार्थ पांडा और विश्वराज श्रीवास्तव के नेतृत्व वाली टीम को बधाई देता हूं।

आविष्कार को एक टच-सेंसिटिव टेक्टाइल इंटरफेस के साथ एक लागत प्रभावी स्मार्ट पहनने योग्य उपकरण कहा जाता है जो कंपन का उपयोग करके जानकारी प्रदर्शित करता है।

टच-सेंसिटिव घंटे मार्करों और वाइब्रेशन-आधारित आउटपुट से युक्त डायल फेस का उपयोग समय पढ़ने, विभिन्न ऐप्स का चयन करने के लिए एक इंटरफेस बनाने, विभिन्न ऐप्स को जल्दी से पहचानने और संख्याओं को समझने के लिए किया जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में लगभग 4.9 करोड़ नेत्रहीन और 28.5 करोड़ दृष्टिबाधित व्यक्तियों को टेक्टाइल इंटरफेस की अनुपस्थिति के कारण उपकरणों के साथ आसानी से बातचीत करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और भारत में दुनिया के कुल नेत्रहीन लोगों में से लगभग 20 प्रतिशत रहते हैं।

--आईएएनएस

एसकेके/एसजीके

Related Articles

Comments

 

राजस्थान कांग्रेस ने भाजपा के आतंकवादियों से कथित संबंधों की एनआईए जांच की मांग की

Read Full Article

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive