खाड़ी के दो देशों से जान बचाकर घर लौटी विधवा मां की बेटी, सुनाई आपबीती

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सुल्तानपुर लोधी, 7 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से एक विधवा मां की बेटी खाड़ी के दो देशों से जान बचाकर वतन लौट आई है। ट्रैवल एजेंटों ने धोखे से उसे ओमान के मस्कट में बेच दिया था।

खाड़ी देश में पांच महीने की नारकीय जीवन जीने के बाद लौटी पीड़िता ने अपनी दर्द भरी कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे एजेंटों ने उसे दुबई, मस्कट और अबू धाबी जैसे देशों में फुसलाया। जालंधर जिले की रहने वाली पीड़ित लड़की ने निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में अपना दुखड़ा सुनाया और कहा कि ट्रैवल एजेंट ने उसे दुबई भेजने के लिए 30 हजार रुपये लिए, लेकिन उसे धोखे से मस्कट में फंसा दिया। यहां उसे रोजाना पीटा जाता था।

पीड़िता ने बताया कि उसे चमड़े की बेल्ट से पीटा जाता था। पूरे दिन घर का काम करने के बाद उसे एक ऑफिस में बंद कर दिया जाता था। दो महीने बीतने के बाद उसने उम्मीद छोड़ दी कि वह यहां से जिंदा बच पाएगी। उसने कहा कि उस पर जो अत्याचार हो रहा था, वह बहुत भयानक था। कभी-कभी तो इतनी पिटाई होती थी कि वह बेहोश हो जाती थी।

पीड़िता ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर उन्होंने समय पर उसकी मदद नहीं की होती, तो अरब देश से उसकी वापसी मुश्किल थी। पीड़िता ने बताया कि वह इस साल फरवरी में परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए दुबई गई थी। लेकिन, उसका यह निर्णय संकट बन गया, जब एजेंटों ने उसे बेच दिया। वहां उसे ठीक से खाना भी नहीं दिया जाता था और बीमार होने पर इलाज भी नहीं कराया जाता था।

पीड़िता ने कहा कि उसकी विधवा मां ने हिम्मत नहीं हारी और उसने किसी तरह राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया और उसकी जान बच गई।

पीड़िता की मां ने बताया कि जब उसे इस बारे में पता चला, तो उसने एजेंट से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई। लेकिन, एजेंट लड़की को वापस करने के लिए उससे लाखों रुपये की मांग करने लगा। पैसे न देने की स्थिति के चलते उसने अपनी लड़की की वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी।

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वह किसी भी एजेंट पर भरोसा न करें, क्योंकि ट्रैवल एजेंटों ने बड़ी संख्या में लोगों को धोखा दिया है। खाड़ी देशों में महिलाओं के साथ लगातार हो रहे शोषण को रोकने की जरूरत है। वहां लड़कियों की स्थिति बहुत दयनीय है।