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अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव "विश्व रंग" का आगाज आज से, विमर्श, संवाद के साथ होंगे कई रंगारंग कार्यक्रम

Nov
03 2019

 देश-दुनिया की 500 से ज्यादा नामचीन हस्तियां होंगी शामिल
 म.प्र. के माननीय राज्यपाल श्री लालजी टंडन करेंगे शुभारंभ
 4 से 10 नवंबर के बीच रवींद्र भवन, भारत भवन और मिंटो हॉल में होंगे विमर्श, संवाद एवं कई रंगारंग गतिविधियां

भोपाल: 03 नवंबर/ रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की पहल पर आयोजित साहित्य और संस्कृति के इंद्रधनुषी रंगों को समेटते देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव विश्वरंग- टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव का आगाज सोमवार से होने जा रहा है। इस सात दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ शाम 6 बजे रवींद्र भवन में मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल लालजी टंडन करेंगे। भारत के किसी शैक्षणिक संस्थान की पहल पर होने वाले पहले विश्व स्तरीय साहित्य कला महोत्सव में सात दिनों तक विभिन्न गतिविधियां होंगी। रवींद्र भवन, भारत भवन और मिंटो हॉल में चलने वाले इस विश्वकुंभ में साहित्य, संस्कृति, दर्शन, शिक्षा, सिनेमा, मीडिया, विज्ञान, टेक्नोलॉजी आदि से जुड़ी नामचीन हस्तियां शिरकत करेंगी। विश्वरंग की गतिविधियों के दौरान भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न से सम्मानित श्री प्रणब मुखर्जी, उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल सहित अनेक गणमान्य विभूतियां उपस्थित होंगी।

4 नवंबर के कार्यक्रम

महोत्सव की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शब्द, रंग, ध्वनि और दृश्य- टैगोर की विरासत का पुनरावलोकन कार्यक्रम के जरिए होगी। इसमें रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में सुबह 10 बजे मंगलाचरण की प्रस्तुति दी जाएगी जिसमें शुभव्रत सेन दो तारा पर रवीन्द्र संगीत को प्रस्तुत करेंगे। 10.30 बजे आर्टिस्ट मीट एवं अशोक भौमिक द्वारा टैगोर की चित्रकला पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसके अलावा शाम 5 बजे रवीन्द्र भवन में पूर्वरंग में गुदुम बाजा, दयाराम सारोलिया द्वारा कबीर गायन एवं चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। शाम 6 बजे माननीय राज्यपाल म.प्र. श्री लालजी टंडन द्वारा कला उत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही प्रभु जोशी द्वारा चित्रित रबीन्द्रनाथ टैगोर के पोर्ट्रेट का लोकार्पण, नेशनल पेंटिंग प्रदर्शनी कैटलॉग का लोकार्पण, फेस्टिवल कैटलॉग का लोकार्पण एवं अतिथियों के वक्तव्य होंगे। इस शुभारंभ सत्र में माननीय राज्यपाल श्री लालजी टंडन मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि के रूप में रंगकर्मी उषा गांगुली, टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव के निदेशक संतोष चौबे, सह निदेशक लीलाधर मंडलोई, कथादेश के संपादक मुकेश वर्मा, टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव के सहनिदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार ग्वाल मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अगली कड़ी में रवीन्द्र भवन में शाम 7 बजे टैगोर की कविताओं पर आधारित संगीत-नृत्य रूपक – गीतांजलि की प्रस्तुति होगी जिसका निर्देशन-संयोजन श्वेता देवेन्द्र-क्षमा मालवीय करेंगी। कार्यक्रम का संचालन टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक विनय
उपाध्याय करेंगे।

5 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

इसके अलावा 5 नवंबर के कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 10 बजे भारत भवन में मंगलाचरण से होगी। इसमें अमीर खान द्वारा सरोद वादन प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी होगी जिसका उद्घाटन प्रख्यात चित्रकार प्रभाकर कोल्टे करेंगे। नेशनल सेमिनार ऑन आर्ट्स इन इंडिया का भी आयोजन होगा। जानी मानी विभूतियां अपने वक्तव्य देंगी। शाम के कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में होंगे। इसमें पीलू भट्टाचार्य और उनके साथियों द्वारा गीत एवं नृत्य प्रदर्शन – रिफ्लेक्शन की प्रस्तुति दी जाएगी।

6 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे भारत भवन में मंगलाचरण से होगी। इसमें अमित मलिक द्वारा वायोलिन वादन से शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा कविता पाठ भी होगा। शाम 4 बजे स्वराज भवन में संवाद – रंगमंच का नेपथ्य आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा शाम 6 बजे से पूर्व रंग में नया थिएटर द्वारा रंग संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 7 बजे से उषा गांगुली के निर्देशन में नाट्यकृति चाण्डालिका की प्रस्तुति होगी।

7 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

7 नवंबर से सभी कार्यक्रम मिंटो हॉल में आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत सबसे पहले शाम 4 बजे आर्मी बैंड, शहनाई वादन, सुंदरी वादन की प्रस्तुति दी जाएगी। पुस्तक प्रदर्शनी भी लगेगी। शाम 6 बजे से विश्व रंग साहित्य उत्सव का प्रारंभ शंखनाद कार्यक्रम से होगा। स्वस्ति गान, स्वागत वक्तव्य, हिंदी कहानी के दस्तावेजी संग्रह कथादेश का लोकार्पण, रवींद्र कैटलॉग तथा विश्वरंग कैटलॉग का विमोचन होगा। रात्रि 8 बजे करमासैला आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।

8 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे ध्रुपद गान से होगी। इसके साथ मुख्य सत्र में टैगोर, इकबाल और फैज पर आधारित वक्तव्य होंगे। दूसरा मुख्य सत्र 21वीं सदी में विश्व साहित्य विषय पर आधारित होगा। दोपहर में समानांतर सत्रों का आयोजन होगा। इसके अतिरिक्त लेखक से मिलिए
विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। सायंकालीन सत्र में एक मुलाकात- आशुतोष राणा से खास होगी। इसके अतिरिक्त शाम 7.30 बजे से अंतरराष्ट्रीय मुशायरा का आयोजन किया जाएगा।

9 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे मंगलाचरण में संतुर बांसुरी जुगलबंदी से होगी। इसके साथ पहला मुख्य सत्र गांधी और टैगोरः विरासत और लोकतंत्र विषय पर होगा। इसके बाद दूसरा मुख्य सत्र थर्ड जेंडर के कवियों के रचना पाठ के लिए विशेष रहेगा। इसके बाद समानांतर सत्र एवं लेखक से मिलिए सत्रों का आयोजन किया जाएगा। सायंकालीन सत्रों में एक मुलाकातःइरशाद कामिल और उनके इंक बैंड के लिए खास रहेगा। अंतिम सत्र शाम 7.30 बजे से होगा जिसमें सुखन द्वारा उर्दू गजलों की प्रस्तुति दी जाएगी।

10 नवंबर के प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे से मंगलाचरण में शहनाई वादन से होगी। इसके बाद प्रमुख रूप से वनमाली कथा सम्मान का सत्र खास रहेगा। दोपहर में समानांतर सत्र और लेखक से मिलिए सत्र आयोजित होंगे। इसके बाद शाम 6.45 बजे से समापन सत्र होगा। अंत में रघु दीक्षित प्रोजेक्ट द्वारा बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी।

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