राहुल गांधी आध्यात्मिक, पीएम मोदी धर्म के नाम पर वोटों का व्यापार करना चाहते हैं : कांग्रेस

0
35

लखनऊ, 19 मई (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से खास बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने भाजपा को लोकतंत्र और संविधान विरोधी बताया है।

पांचवें चरण के मतदान को लेकर उन्होंने कहा, “मेरी सम्मानित जनता से अपील है कि वह मत प्रतिशत को शत प्रतिशत करें। चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई दूर करने वालों का साथ दें। अग्निवीर जैसी योजना लाने वालों का विरोध करें। देश, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक संस्थाओं तो सुरक्षित हाथों में रखने वालों का समर्थन करें और ऐसे लोगों का निषेद्ध करें जो जो लोकतंत्र और संविधान को खत्‍म करना चाहते हैं।” वहीं, लखनऊ में लगे भाजपा के पोस्टर से राजनाथ सिंह की तस्वीर गायब होने पर उन्‍होंने कहा कि “मुझे दुख है कि वह लखनऊ से गायब हैं।”

प्रियंका गांधी के इस बयान पर कि ‘राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं और वह हिंदू धर्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा जानते हैं’, राजपूत ने कहा कि राहुल गांधी धर्म को राजनीति से अलग रखकर, आध्यात्मिक रूप से पीएम मोदी से कहीं ज्यादा जानते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहते हैं। वहीं, राहुल गांधी आध्यात्मिक व्‍यक्‍ति हैं। पीएम मोदी राम और धर्म के नाम पर वोटों का व्यापार करना चाहते हैं और आगामी चुनाव में पीएम मोदी और भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

प्रियंका गांधी के इस बयान पर कि ‘स्मृति ईरानी का मकसद अमेठी का विकास करना नहीं, राहुल गांधी को हराना था’, उन्होंने कहा कि अगर स्मृति ईरानी का मकसद विकास करना होता तो वहां के कारखाने क्यों चुराए जाते, अस्पताल को बंद क्यों किया जाता। गत्ता फैक्ट्री, फूड पार्क को दक्षिण ले जाने का काम क्यों किया जाता। वह विकास नहीं, विनाश करने आई थीं। जनता इस बात को समझ गई है और आने वाले समय में जनता उन्हें गाजा-बाजा के साथ विदा करेगी।

राजपूत ने स्वाति मालीवाल के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले में दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। दिल्ली पुलिस को दोनों एफआईआर पर बिना किसी राजनीतिक द्वेष के कार्रवाई करनी चाहिए, घटना से जुड़े सभी वीडियो पर संज्ञान लिया जाना चाहिए। उस वीडियो पर भी संज्ञान लिया जाना चाहिए, जिसमें स्वाति मालीवाल दिल्ली पुलिस के सुरक्षाकर्मियों से अभद्र भाषा में बात कर रही हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्‍होंने कहा, “भाजपा इस मामले को राजनीतिक तूल दे रही है, मेरा उनसे आग्रह है कि वह जिस तरह से स्वाति मालीवाल के पक्ष में बोल रहे हैं, उसी तरह से उन दो महिलाओं के पक्ष में भी बोलें, जिन्‍होंने बंगाल के राज्यपाल पर दुराचार के आरोप लगाए हैं।”