सिर्फ जाति जनगणना नहीं, आर्थिक सर्वे होगा : राहुल गांधी

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नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि यदि उनकी सरकार आती है तो वह जाति जनगणना कराएंगे। यहां राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जाति जनगणना नहीं होगी, यह आर्थिक सर्वे होगा। मतलब हिंदुस्तान में किसके हाथ में कितना पैसा है, हर संस्था का सर्वे होगा। इससे पता लग सकेगा कि किस वर्ग के लोगों की क्या स्थिति है।

राहुल गांधी ने कहा कि जाति जनगणना से पूरे देश को पता लग जाएगा कि हिंदुस्तान का धन कहां है, किसके हाथ में है। पिछड़ों के हाथ में कितना, दलितों के हाथ में कितना, गरीब सामान्य वर्ग व महिलाओं के हाथ में कितना धन है।

उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट लिखा है की अग्निपथ योजना को हम समाप्त करेंगे।

वह कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित न्याय मंच से युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अग्निपथ योजना को लेकर राहुल ने कहा कि हमारे जिन डेढ़ लाख युवाओं ने आर्मी की पूरी प्रक्रिया पूरी की है उनको कोई न कोई कंपनसेशन तो मिलना ही चाहिए, कोई न कोई रास्ता उनके लिए निकलना ही चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यह योजना हितधारकों की सलाह से नहीं बनाई गई थी।

राहुल ने कहा कि पहले ओबीसी, दलित, गरीब आम वर्ग को सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरी मिल जाती थी, सेना में जा सकते थे, पेंशन मिलती थी। उन्होंने कहा कि अग्निपथ का मकसद है कि गरीब लोगों को पेंशन नहीं देना चाहते, उनको शहीद का दर्जा नहीं देना चाहते, उनको कैंटीन की सुविधा नहीं देना चाहते। अमीर लोगों को यह सब मिल जाएगा मगर जो जवान है जो शहीद होने के लिए तैयार है वह दो तरीके के बन रहे हैं – एक अग्नि वीर है जिसे गोली लगेगी तो उसे कहा जाएगा कि वह शहीद नहीं है। वहीं एक नॉर्मल जवान जिसे पेंशन मिलेगी, उसे शहीद का दर्जा मिलेगा।

राहुल गांधी ने कहा सोचिए यदि चीन से युद्ध हुआ तो एक अग्नि वीर और एक सामान्य जवान लड़ाई लड़ रहा होगा तो अग्नि वीर क्या सोचेगा। अग्नि वीर सोचेगा यदि मुझे कुछ हो गया तो मेरे परिवार की कोई देखभाल नहीं करेगा। वहीं, सामान्य जवान को कुछ हुआ तो उसके परिवार को पेंशन मिलेगी उसके परिवार की देखरेख की जाएगी। आर्मी का मनोबल तो यहीं समाप्त कर दिया गया। आर्मी में फूट यहीं डाल दी। इसलिए हम अग्निपथ को समाप्त करने जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने यहां युवाओं द्वारा रोजगार के विषय में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में ‘पहली नौकरी पक्की’ का वादा किया है। मनरेगा में रोजगार का अधिकार मिलता है। मजदूरी करने के लिए सरकार अधिकार देती है, अब हम पहली नौकरी का अधिकार हिंदुस्तान के युवाओं को देने जा रहे हैं। ग्रेजुएट और डिप्लोमा होल्डर्स को यह अधिकार मिलेगा। उन्हें 8,500 रुपए प्रति माह अप्रेंटिस के जरिए दिए जाएंगे। इससे युवाओं को जोब मार्केट में एंट्री मिल जाएगी। राहुल ने कहा कि युवा यदि सरकार से एक साल की नौकरी मांगेंगे तो सरकार को वह नौकरी देनी ही होगी। यह कांग्रेस पार्टी का एक आईडिया है।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी समस्या के समाधान के लिए हम सख्त कानून लाएंगे। इसके साथ ही निजी कंपनियां ये परीक्षाएं नहीं ले सकेंगी। केवल सरकारी एजेंसियां ही परीक्षा लेंगी।