एसआईआर पर टीएमसी प्रतिनिधिमंडल से बोला चुनाव आयोग, मसौदा सूची आने के बाद पेश करें दावे

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नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर मचे घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों का एक प्रतिनिधि प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग से मिला। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के समक्ष एसआईआर से जुड़ी अपनी आपत्तियों को दर्ज कराया।

इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि 9 दिसंबर के बाद जब मसौदा सूची उनके साथ साझा की जाएगी, तब वे अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करें। चुनाव आयोग ने कहा कि तब तक, उनको चुनाव संबंधी कार्यों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात राज्य सरकार के कर्मचारी, बीएलओ, ईआरओ और डीईओ के स्वतंत्र कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव न डाला जाए और उन्हें धमकाया न जाए। इसके साथ ही सभी डीईओ को यह भी निर्देश दिया है कि वे मलिन बस्तियों, इमारतों और गेटबंद आवासीय कॉलोनियों में नए मतदान केंद्र सुनिश्चित करें, जैसा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के आधार पर पूरे भारत में किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के सीईओ कार्यालय में सुरक्षा भंग से संबंधित हालिया घटनाओं के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने कार्यालय को सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को पश्चिम बंगाल के सीईओ के मौजूदा और नए कार्यालय की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।

ईसीआई ने टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल से यह भी कहा कि वे मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के संबंध में बीएलओ को प्रभावित या धमकी न दें।

चुनाव आयोग ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि केवल भारतीय नागरिक ही मतदान के हकदार हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, विदेशियों को मतदान का अधिकार नहीं है।

ईसीआई ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से यह भी कहा कि यह बेहद अजीब है कि चुनाव आयोग द्वारा स्वीकृत बढ़ा हुआ मानदेय राज्य सरकार द्वारा अभी तक वितरित नहीं किया गया है। इसे बिना किसी और देरी के किया जाना चाहिए।