देहरादून, 28 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड ग्रेजुएट लेवल पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल) की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने बताया कि इसके साथ ही दो अन्य व्यक्तियों मोहम्मद खालिद और उसकी बहन सबीहा को साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया।
सीबीआई को जांच के दौरान पता चला कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले आरोपी व्यक्ति को उसकी बहन के माध्यम से मिले प्रश्न पत्र के कुछ हिस्सों को हल करने में मदद की और हल किए गए उत्तर परीक्षा में बैठे आरोपी तक पहुंचाए।
सीबीआई जांच में पहले ही आरोपी व्यक्ति और उसकी बहन को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका था। उनके मोबाइल फोन और अन्य सबूतों की विस्तार से जांच के बाद प्रोफेसर सुमन की भूमिका सामने आई, जिसके आधार पर शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह मामला पहले उत्तराखंड सरकार द्वारा सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था और जांच फिलहाल दैनिक स्तर पर जारी है।
गौरतलब है कि 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी की ओर से स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक होने के बाद हड़कंप मच गया था। विवाद अधिक बढ़ता देख उत्तराखंड सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को दी थी। सीबीआई ने इस मामले में अब पहली गिरफ्तारी की है।
यह परीक्षा 416 पदों के लिए हुई थी और इसमें एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले अभ्यर्थियों ने कथित पेपर लीक के खिलाफ बाद में आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद उत्तराखंड की धामी सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।




