कांग्रेस नेताओं ने जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए

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नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। वैश्विक उथल-पुथल और अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद साल की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “दुनिया भर के लोग, ग्लोबल संस्थाएं और भारत में कई विपक्षी नेता कह रहे हैं कि पिछले 10 सालों में भारत का स्टैटिस्टिकल डेटा भरोसेमंद नहीं लगता। लेकिन जीडीपी आम लोगों को भी दिखनी चाहिए।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने देश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ने की बात करते हुए सरकार से सबूत मांगा। उन्होंने कहा, “अगर बेरोजगारी कम हुई है, तो सरकार को सबूत देना चाहिए। अगर महंगाई कम हुई है, तो सरकार को दिखाना चाहिए। अगर प्रोडक्शन बढ़ा है, तो सरकार को डेटा दिखाना चाहिए। अगर किसानों को उनकी फसलों के लिए सही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिला है, तो सरकार को वह भी दिखाना चाहिए।”

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने पूरे साल की जीडीपी दर के आंकड़ों की प्रतीक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा, “यह अच्छा है, लेकिन पिछली तिमाही का प्रदर्शन बहुत मजबूत था। हमें साफ तस्वीर पाने के लिए पूरे साल की जीडीपी का इंतजार करना होगा। 8.2 प्रतिशत की ग्रोथ एक अच्छा नंबर है।”

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा, “हमें समझ नहीं आ रहा कि जीडीपी कैसे बढ़ रही है? रुपया डॉलर के मुकाबले तेजी से कमजोर हुआ है और नीचे गिर गया है। जब रुपया इतनी तेजी से गिर रहा है, तो जीडीपी कैसे बढ़ रही है? यह केंद्र सरकार की अपनी एजेंसियों के जरिए जनता को गुमराह करने, झूठ फैलाने, धोखा देने और साजिश करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है और यह उन्हीं चालों का नतीजा है।”

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “यह कितना सच है और कितना झूठ, यह तो वही जानते हैं। उनके सर्वे खुद ही गलत हैं। एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, डॉलर मजबूत हो रहा है, रुपया गिर रहा है और फिर भी वे दावा कर रहे हैं कि जीडीपी बढ़ रही है, कोई क्या कह सकता है?”