अयोध्या की गलियों के नाम बदलने की मांग, रामविलास वेदांती ने केंद्र और यूपी सरकार से की अपील

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अयोध्या, 29 नंवबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता और राम मंदिर आंदोलन के सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि अयोध्या की उन सड़कों के नाम बदल दिए जाएं, जिनके नाम मुस्लिम नामों पर रखे गए हैं।

रामविलास वेदांती ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। मंदिर पर भगवा ध्वज भी लहरा दिया गया। जिन भावनाओं को लोगों ने सहेजकर रखा था, उन भावनाओं को 25 नवंबर को सबके सामने प्रस्तुत कर दिया। एक कहावत है कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?

उन्होंने कहा कि राम की नगरी में राम से संबंधित और राम के पूर्वजों से संबंधित नामों पर गलियां होनी चाहिए। यहां राजा दिलीप, राजा रघु, और राजा दशरथ के नाम पर गलियां होनी चाहिए। इसके साथ ही अन्य किसी राम विरोधी के नाम पर गली का नाम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि अयोध्या की गलियों की जानकारी मंगवाएं और यहां की परंपरा के अनुसार नामों में बदलाव करें, जिससे लोगों को पता चल जाए कि हम अयोध्या में आ चुके हैं। इस वक्त अयोध्या में आते ही लोग भ्रमित हो जाते हैं कि हम कहां आ गए हैं।

डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि अयोध्या ही नहीं, वाराणसी के मोहल्लों के नामों में भी बदलाव होना चाहिए। वहां भी इस्लामीकरण हुआ है। वहां भोले, शिव के नाम पर गलियों के नाम होने चाहिए। आजमगढ़ का नाम आर्यनगर, गाजीपुर का नाम विश्वामित्र नगर होना चाहिए। गाजियाबाद का नाम भगवान शंकराचार्य के नाम पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बस्ती जिले का नाम गुरु वशिष्ठ नगर होना चाहिए। शाहजहांपुर का नाम परशुरामपुर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में सामाजिक सद्भावना के लिए काम होता है, लेकिन देश में जब कांग्रेस की सरकार आई तो उन्होंने सामाजिक सद्भावना को पीछे छोड़ दिया। सामाजिक दुर्भावना पैदा करने वाले काम किए गए।