चुनाव आयोग ने दोगुनी की बीएलओ की सैलरी, ईआरओ और एईआरओ को भी मिलेगा मानदेय

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नई दिल्ली, 29 नंवबर, (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स, बीएलओ सुपरवाइजर्स और अन्य चुनावी अधिकारियों के लिए सैलरी और मानदेय में बड़ा बदलाव किया है।

आयोग ने घोषणा की है कि बीएलओ की सैलरी अब दोगुनी कर दी गई है, जबकि बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी और इंसेंटिव में भी बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला चुनाव प्रणाली को मजबूत करने और फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की मेहनत को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं और इन्हें तैयार करने के पीछे एक बड़ी मशीनरी काम करती है। इसमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स, असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स, बीएलओ सुपरवाइजर्स और बीएलओ शामिल हैं, जो बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करते हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, बीएलओ की सैलरी पहले 6,000 रुपए थी, जो अब बढ़ाकर 12,000 रुपए कर दी गई है। वहीं, इलेक्टोरल रोल में बदलाव के लिए बीएलओ को मिलने वाला इंसेंटिव 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है।

बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी 12,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गई है। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि पहली बार एईआरओ और ईआरओ को भी मानदेय दिया जाएगा, जिसमें ईआरओ को 30,000 रुपए और एईआरओ को 25,000 रुपए दिए जाएंगे।

इसके अलावा, आयोग ने बिहार से शुरू होने जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत बीएलओ के लिए 6,000 रुपए के स्पेशल इंसेंटिव को भी मंजूरी दी है।

चुनाव आयोग के इस कदम से जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों को उचित सम्मान और आर्थिक समर्थन मिलेगा। इससे उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की गई है।

भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि कमीशन ने निर्देश दिया है कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर को निर्देश के अनुसार मानदेय सालाना मिलना चाहिए।