मिशन शक्ति ने बदली तस्वीर, यूपी में महिला सुरक्षा बनी सुशासन की पहचान

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लखनऊ, 29 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को नई ऊंचाई और आयाम देने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल ‘मिशन शक्ति’ अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक बन चुकी है। जिस उत्तर प्रदेश में कभी महिलाओं को घर से अकेले निकलने में खतरा और संकोच महसूस होता था, अब वहां महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी पहचान बन गई है।

मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा में सक्षम बनाना है। इसके अंतर्गत प्रदेश भर में पांच लाख से अधिक महिलाओं को विशेष आत्मरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण व्यावहारिक रूप से उन्हें इस प्रकार से सक्षम बनाता है कि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में स्वयं की रक्षा कर सकें। महिलाओं के लिए स्थापित फर्स्ट रिस्पॉन्डर नेटवर्क आपातकालीन स्थिति में सहायता का सबसे तेज माध्यम बनकर उभरा है। हर जिले में मिशन शक्ति कमांडो टीमें तैनात की गई हैं, जो त्वरित कार्रवाई कर महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं।

शहरों की सड़कों पर महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने में पिंक बूथ और एंटी रोमियो स्क्वाड का योगदान उल्लेखनीय रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न जैसी घटनाओं में अब भारी कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट प्रमाण है। यह पहल केवल भौतिक सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक और सामाजिक आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। घर से लेकर कार्यस्थल तक और स्कूल से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण का निर्माण हुआ है।

घरेलू हिंसा और यौन अपराध जैसी घटनाओं के विरुद्ध भी अब तेज कार्रवाई और सख्त दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। शिकायत दर्ज करने से लेकर सहायता प्रदान करने तक एक पारदर्शी और संवेदनशील प्रक्रिया तैयार की गई है। योगी सरकार का यह प्रयास महिलाओं को वह शक्ति और विश्वास दे रहा है कि सुरक्षा कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा का यह मजबूत मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं आज आत्मविश्वास के साथ कह सकती हैं कि अब डर नहीं, अब अपनी सुरक्षा हम स्वयं सुनिश्चित कर सकते हैं। यही बदलाव मिशन शक्ति को एक सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर सामाजिक परिवर्तन का जनआंदोलन का स्वरूप देने में सक्षम हुआ है।

महिला सुरक्षा के लिए 1663 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए। महिला बीट अधिकारी सक्रिय हैं और त्वरित शिकायत निस्तारण किया गया है। पिंक बूथ और एंटी रोमियो स्क्वाड की नियमित गश्त से दिसंबर 2024 तक 1.4 करोड़ लोगों को चेतावनी दी गई और 32077 का चालान किया गया।

वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा बढ़ी है। 3972 असामाजिक तत्व गिरफ्तार किए गए और 3 लाख से अधिक लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर चेतावनी दी गई। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन और सुरक्षा में ठोस सुधार भी किया गया।