पटना, 29 नवंबर (आईएएनएस)। पटना पुलिस ने इस साल अक्टूबर में हत्या, बलात्कार, डकैती, चोरी, चेन और मोबाइल छीनने और एनडीपीएस से संबंधित मामलों सहित विभिन्न आपराधिक मामलों में 668 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 428 को प्रभावी निगरानी, समन्वित जांच और समय पर अदालती प्रक्रियाओं के माध्यम से दोषी ठहराया गया है।
एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा के निर्देशन में गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। न्यायिक प्रक्रिया को तीव्र और अधिक परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकांश मामले बिक्रम, पाटलिपुत्र, दीघा, बाढ़, मनेर, घोसवारी और फतुहा थाना क्षेत्रों में घटित हुए।
पुलिस के अनुसार त्वरित गिरफ्तारियां, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, उच्च-गुणवत्तापूर्ण जांच और समय पर आरोप-पत्र प्रस्तुत करने ने दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अधिकारियों द्वारा निरंतर निगरानी और प्रभारी न्यायालय, लोक अभियोजकों, अभिरक्षक पुलिस अधिकारियों और अन्य इकाइयों के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित हुआ कि आवश्यक साक्ष्य और प्रमुख गवाह बिना किसी देरी के न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।
प्रवक्ता ने गंभीर मामलों के शीघ्र निपटारे में न्यायालय द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
संवेदनशीलता, तत्परता, साक्ष्यों की सूक्ष्म जांच, गवाहों के बयानों का समय पर पंजीकरण, अभियोजन पक्ष को मार्गदर्शन और नियमित निगरानी के माध्यम से न्यायपालिका ने अपराध नियंत्रण में पटना पुलिस के प्रयासों को मजबूत किया है।
अधिकारी ने बताया कि पटना पुलिस इसके लिए न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करती है।
अधिकारियों ने आगे कहा कि पुख्ता सबूत, गहन जांच और निरंतर निगरानी ने पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि समय पर दोषसिद्धि न केवल शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान करती है, बल्कि एक निवारक माहौल बनाने, अपराधियों में भय पैदा करने और जघन्य अपराधों में कमी लाने में भी मदद करती है।
उन्होंने आगे कहा कि पटना पुलिस ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि अपराध के विरुद्ध यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता न केवल अपराधियों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करना है, बल्कि पूरे शहर में सुरक्षा, संरक्षा और जनता के विश्वास की भावना को और मजबूत करना भी है।




