नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। खादी की लोकप्रियता अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इसकी चर्चा हो रही है। खादी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रांडिंग पावर को प्रमुख कारक बताते हुए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन मनोज कुमार ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में खादी सेक्टर लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के स्तर तक पहुंच चुका है।
मनोज कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खादी की छवि एक पारंपरिक वस्त्र से आगे बढ़कर युवाओं के बीच फैशन स्टेटमेंट के रूप में स्थापित हुई है। उनकी ब्रांडिंग और प्रोत्साहन के चलते खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों की बिक्री में लगातार उछाल देखने को मिला है, जो हर वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। उन्होंने कहा कि खादी की सफलता केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के बड़े हिस्से को रोजगार से जोड़ने का भी प्रमुख साधन बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि खादी ग्रामोद्योग ने देश में करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। पिछले 11 वर्षों में न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि कारीगरों के वेतन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी जल्द ही दो लाख करोड़ रुपए के कारोबार का आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है।
मनोज कुमार ने खादी ग्रामोद्योग को नारी शक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि देशभर में इस क्षेत्र से जुड़े लगभग पांच लाख केंद्रों में 80 प्रतिशत यानी लगभग चार लाख महिलाएं कार्यरत हैं। इन महिला कारीगरों को सशक्त करने के लिए मोदी सरकार ने उनके वेतन में पिछले 11 वर्षों में चार गुना वृद्धि की है। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की दिशा में नई भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि खादी की यह सफलता यात्रा जारी रहेगी और आने वाले समय में इसके माध्यम से देश के कारीगरों, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।




