देश को बांटने वाली नीतियों के लिए वंदे मातरम का इस्‍तेमाल : फखरुल हसन चांद

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लखनऊ, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। संसद में वंदे मातरम पर हुई विशेष चर्चा में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के दिए गए बयान का सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने समर्थन किया। इस दौरान उन्‍होंने केंद्र और राज्‍य सरकारों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा वंदे मातरम का इस्‍तेमाल देश को बांटने वाली नीतियों के लिए कर रही है।

फखरुल हसन चांद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जिस राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ कभी देश को एकजुट करता था, अब भारतीय जनता पार्टी उसे अपनी बांटने वाली नीतियों और पक्षपात की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के दौर में स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे जब ‘वंदे मातरम’ गाते थे, तब उन पर मुकदमे दर्ज किए जाते थे, और आज भाजपा की नीतियां भी कहीं न कहीं उसी दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया जा रहा है और विरोध करने वालों पर मामले दर्ज कर दिए गए, जिससे सरकार की नीतियां अंग्रेजी शासन से मिलती-जुलती प्रतीत होती हैं।

आर्थिक अपराधियों के विदेश भागने के मामलों पर भी सपा प्रवक्ता ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में ऐसे कई लोग, जो आर्थिक या जघन्य अपराधों में लिप्त हैं, आसानी से विदेश भाग जाते हैं, और सरकार उन्हें रोकने में नाकाम रही है। यह सरकार की नीतियों की गंभीर विफलता है।

इंडिगो उड़ानों में देरी और रद्द होने के कारण यात्रियों को हो रही दिक्कतों पर भी सपा प्रवक्ता ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर वे लोग जो इलाज के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी लेने की बजाय दोषारोपण में जुटी है और खुद को पाक साफ दिखाने का प्रयास कर रही है। सड़क और रेल मार्ग से लौट रहे लोगों को भी कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है। इन सब परेशानियों के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।

उन्होंने गोवा के एक क्लब में आग लगने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद दुखद हादसा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार को सुरक्षा मानकों की कड़ाई से समीक्षा करनी चाहिए।