पुणे में ड्रग्स परोसने के आरोप में बार सील, दो पुलिसकर्मी निलंबित

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पुणे (महाराष्ट्र), 24 जून (आईएएनएस)। नाबालिगों को नशीले पदार्थ परोसने को लेकर पुणे पुलिस ने शहर के एक पॉश बार पर छापामार कार्रवाई कर उसे सील कर दिया है। वहीं ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।

पुणे पुलिस की टीमों ने रविवार को पॉश फर्ग्युसन कॉलेज रोड स्थित लिक्विड लीजर लाउंज (एल 3) पर छापामार कार्रवाई की। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ नाबालिग लड़कों को रेस्तरां के शौचालय में ड्रग्स लेते हुए देखा जा सकता है। वहीं वीडियो के बैकग्राउंड में पार्टी की झलक भी देखी जा सकती है।

हंगामे के बाद पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने जांच के आदेश दिए। एक टीम ने बीती रात एल 3 की गहन तलाशी ली, जिसके बाद इसे सील कर दिया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जानकारी के अनुसार यह बार 1.30 बजे सामने का प्रवेश द्वार बंद कर देता था, लेकिन पीछे के दरवाजे से लोगों को अंदर आने की अनुमति देता था, जिसकी वीडियो लीक होने के बाद यह खुलासा हुआ।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने एल 3 के मालिक संतोष कामथे, फ्रेंचाइजी रवि माहेश्वरी, मैनेजर मानस मलिक और कुछ कर्मचारियों उत्कर्ष देशमाने और योगेंद्र जिराफ को भी गिरफ्तार किया है।

इसके साथ ही पुणे पुलिस ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में अपने दो पुलिसकर्मियों, एक पुलिस निरीक्षक और एक सहायक पुलिस निरीक्षक पर भी कार्रवाई की है। उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले बार में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था।

इस मामले पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मामला गंभीर है। उन्होंने पुणे तथा महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों को नशा मुक्त बनाने के लिए कड़े प्रयास करने का वादा किया।

पुणे के नवनिर्वाचित सांसद और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर के. मोहोल ने कहा कि ऐसी घटनाएं पुणे की छवि खराब कर रही हैं। उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एनसीपी की प्रदेश अध्यक्ष जयंती पाटिल और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के विधायकों ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की।

वहीं कांग्रेस विधायक रवींद्र धांगेकर और शिवसेना की उपनेता सुषमा अंधारे ने पुणे में आपराधिक घटनाओं के लिए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों के भारी आक्रोश के बावजूद राज्य सरकार अपराध की घटनाओं को रोकने में फेल है।