सोल, 9 जून (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को अपना स्पष्ट लक्ष्य बताया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्योंगयांग और बीजिंग के बीच सोमवार को संपन्न शिखर वार्ता में परमाणु मुद्दे का कोई सार्वजनिक उल्लेख नहीं किया गया।
उत्तर कोरिया की स्थानीय मीडिया ने बताया कि प्योंगयांग में हुई बैठक में किम जोंग उन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
दिलचस्प बात यह रही कि इस बातचीत में कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा या उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम का कोई जिक्र नहीं हुआ।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि, नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क इल ने कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक स्थायी और साझा लक्ष्य बना हुआ है। उन्होंने दोहराया, “दक्षिण कोरिया इस लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि कोरियाई प्रायद्वीप को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
इल ने अमेरिका और चीन के बीच पिछले महीने हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा, “दोनों देश भी उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को साझा लक्ष्य मानते हैं।”
दक्षिण कोरियाई मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि उत्तर कोरिया और चीन के बीच बढ़ते संपर्क “क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में मदद करेंगे।” हालांकि, उन्होंने चीन और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के संकेतों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही।
चीनी राष्ट्रपति की इस यात्रा में पहली बार रक्षा मंत्री डोंग जून भी शामिल थे, जिसे सोल के विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं। उनका मानना है कि यह बीजिंग और प्योंगयांग के बीच रक्षा सहयोग के बढ़ते संकेत हो सकते हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे पर चर्चा हुई या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, और संभव है कि कुछ बातचीत गोपनीय स्तर पर हुई हो। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

