विशाखापत्तनम, 9 जून (आईएएनएस)। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए हादसे के बाद केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मंत्री सड़क मार्ग से दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और स्टील प्लांट के सीएमडी सहित अन्य अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली तथा हादसे के कारणों और घटनाक्रम की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ चर्चा के बाद इस हादसे के पीड़ितों के लिए इस्पात मंत्रालय द्वारा विशेष मुआवजा पैकेज की घोषणा की गई है।
यह मुआवजा सभी पीड़ितों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे स्थायी कर्मचारी हों या संविदा कर्मी। घोषित पैकेज के अनुसार, मृतकों के परिजनों को रिटायरमेंट लाभों के अतिरिक्त 25 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही प्रत्येक मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड में नौकरी दी जाएगी।
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की नीति के अनुसार, मृतकों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी कंपनी वहन करेगी।
मृतकों के परिवारों को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड आवास में रहने की अनुमति भी दी जाएगी। जो परिवार बाहर रह रहे हैं, उन्हें कंपनी आवास उपलब्ध कराने का विकल्प दिया जाएगा।
घायलों को तत्काल 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनके इलाज का पूरा खर्च राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड प्रबंधन द्वारा वहन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। सरकार ने कहा है कि इस हादसे के प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही, केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने भी विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना वाली जगह का दौरा किया।
बता दें कि हादसा सोमवार को उस समय हुआ जब करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला हुआ स्टील ले जा रही लैडल (विशेष पात्र) में विस्फोट हो गया। इसमें आठ श्रमिकों की जान चली गई। इस घटना पर पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया है।
अधिकारियों के अनुसार, स्टील प्लांट के एसएमएस-2 और एसटीसी-3 हीट फैसिलिटी में सोमवार शाम करीब 4:15 बजे पिघले स्टील को उठाने की प्रक्रिया के दौरान यह दुर्घटना हुई।

