Kharinews

शहरों और गांवों में स्वैच्छिक सेवा की भावना को बढाएं

Dec
02 2022

बीजिंग, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। जब लोगों के पास समय हो, तब स्वयंसेवक बनें। जब लोगों को कठिनाइयां हों, तो स्वयंसेवकों की खोज करें। ये व्यापक रूप से परिचालित शब्द सामाजिक सभ्यता की नई प्रवृत्ति को दर्शाते हैं कि स्वैच्छिक सेवा लोकप्रिय बनी है।

स्वयंसेवक प्यार और सम्मान के योग्य एक नाम हैं। स्वयंसेवी सेवा (स्वैच्छिक सेवा) हाथ में हाथ डालने और दिल से दिल जुड़ने वाला कार्य हैं। स्वैच्छिक सेवा की भावना सभी मानव का आम अमूल्य भाग्य है।

चीन में समर्पण, मित्रता, पारस्परिक सहायता और प्रगति आदि स्वयंसेवा की भावना चीनी संस्कृति की इन अच्छी नैतिकताओं के सार की विरासत में मिली है, जिसका उद्देश्य सदाचार व परोपकार, परोपकारी होना, कमजोरों की मदद करना आदि हैं।

1950 के दशक में चीन में खाद्य और कृषि उत्पादों की भारी कमी थी। कृषि का विकास और खाद्य उत्पादन में वृद्धि चीन के राष्ट्रीय निर्माण की कठिन समस्याओं में से एक बनी थी। इस स्थिति में बड़ी संख्या में चीनी युवाओं ने युवा स्वैच्छिक रिक्लेमेशन टीमों का सक्रिय गठन किया। सैकड़ों की संख्या में चीनी युवा लोगों ने इन युवा स्वैच्छिक रिक्लेमेशन टीमों में भाग लिया था। उन्होंने उस समय की विकास समस्याओं को हल करने और सामाजिक निर्माण को बढ़ाने के लिए अपने युवाओं को समर्पित कर दिया। युवा स्वैच्छिक रिक्लेमेशन टीमों को चीन की स्वैच्छिक सेवा की एक महत्वपूर्ण शुरूआत की तरह माना जाता है।

चीन की स्वैच्छिक शक्ति ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। महामारी की रोकथाम व नियंत्रण, बर्फीले तूफान से निपटना, भूकंप समेत विभिन्न आपदाओं से राहत और ओलंपिक खलों की सेवा आदि निर्णायक पलों में चीनी स्वयंसेवक हमेशा आगे आते हैं। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, चिकित्सा व शिक्षा, कमजोरों व विकलांगों की मदद, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति व खेल और आपदा से राहत व बचाव आदि क्षेत्रों में अपनी गहरी छाप छोड़ी है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने समाज में योगदान देने वाले अग्रदूतों और नेताओं के रूप में स्वयंसेवकों की प्रशंसा की। शी चिनफिंग ने कहा कि स्वैच्छिक सेवा सामाजिक सभ्यता व प्रगति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है और स्वयंसेवकों के लिए अपना प्रेम समर्पित करने का एक महत्वपूर्ण चैनल है।

स्वैच्छिक सेवा की भावना चीन में फलती-फूलती है। विशेष रूप से पिछले दस वर्षों में, चीन का स्वैच्छिक सेवा उद्योग फला-फूला है। चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के सामाजिक विकास रणनीति अनुसंधान संस्थान और सामाजिक विज्ञान साहित्य प्रकाशन गृह द्वारा संयुक्त रूप से जारी स्वयंसेवा का ब्लू बुक : चीनी स्वैच्छिक सेवा की विकास रिपोर्ट(2021-2022) के मुताबिक, पिछले दस वर्षों में पूरे चीन में पंजीकृत स्वयंसेवकों की कुल संख्या वर्ष 2012 में 29.2 लाख से बढ़कर वर्ष 2021 में 21.7 करोड पहुंची है। साथ ही पूरे चीन में स्वैच्छिक सेवा संगठनों की कुल संख्या वर्ष 2012 में 20 हजार से बढ़कर वर्ष 2021 में 11.3 लाख पहुंची है। जबकि स्वैच्छिक परियोजनाओं की कुल संख्या वर्ष 2012 में 10 हजार से बढ़कर वर्ष 2021 में 62.1 लाख पहुंची है। चीनी स्वैच्छिक सेवा उद्योग ने बहुत प्रगति की है।

आंकडों के अनुसार वर्ष 2021 30 अक्तूबर तक पूरे चीन में स्वयंसेवकों की कुल संख्या 21.7 करोड़ हो गयी है। हर दस हजार लोगों में से 1544 पंजीकृत स्वयंसेवक हैं, कुल जनसंख्या में जिसका अनुपात लगभग 15.4 प्रतिशत है। पिछले दस सालों में चीनी स्वयंसेवक की संख्या में स्थिर और तेजी वृद्धि हुई है।

स्वैच्छिक सेवा में भाग लेने के लिए पूरे चीन का उत्साह उच्च है। चीन में, न केवल स्वयंसेवकों, स्वैच्छिक सेवा संगठनों और स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों की संख्या, बल्कि स्वैच्छिक सेवाओं में भाग लेने में लगने वाली अवधि दोनों बात बड़े आकार तक पहुंची हैं।

(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एएनएम

Related Articles

Comments

 

तमिलनाडु : बस में आग लगने से 10 घायल

Read Full Article

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive