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टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य-कला महोत्सव की सहयोगी साहित्यिक संस्थाओं के साथ ‘‘विश्व रंग-सृजन संवाद’’

Nov
01 2019

भोपाल: 01 नवंबर/ रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल एवं आईसेक्ट समूह के विश्वविद्यालयों द्वारा ‘विश्व रंग’ टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन 04 से 10 नवम्बर 2019 तक भोपाल के ऐतिहासिक मिंटो हॉल, भारत भवन, रवीन्द्र भवन में किया जा रहा है। यह प्रसन्नता का प्रसंग है कि भोपाल के पहले अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव में ग्रास रूट पर रचनात्मक कार्य करने वाले रचनाधर्मियों सहित देश-प्रदेश एवं विश्व के कई देशों के लब्ध प्रतिष्ठित रचनाकारों की सहभागिता हो रही है।

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2019 वेफ अवसर पर ‘विश्व रंग’ महोत्सव के बहुरंगी कार्यक्रमों पर जीवंत विचार-विमर्श हेतु विश्व रंग की सहयोगी साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्थाओं एवं पत्रिकाओं के प्रमुखों एवं वरिष्ठ साहित्यकारों के साथ ‘विश्व रंग सृजन-संवाद’ का भव्य आयोजन रवीन्द्र भवन परिसर में किया गया। यह आयोजन वनमाली सृजनपीठ, भोपाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्व रंग के निदेशक वरिष्ठ कवि-कथाकार रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कहा कि विश्व रंग हिन्दी और भारतीय भाषाओं के बीच वैचारिक संवाद तथा सांस्कृतिक विरासत को साझा करने का व्यापक विश्व पटल निर्मित करेगा। इस महोत्सव में हिन्दी सहित भारतीय तथा विदेशी भाषाओं के कवियों क साथ थर्ड जेंडर के कवियों का रचना पाठ भी शामिल किया गया है। विश्व रंग में विभिन्न विधओं में सक्रिय भारतीय भाषाओं के चर्चित विद्वान मनीषियों के साथ युवा रचनाकार भी शिरकत करेंगे।

इस अवसर पर ‘कथादेश’ के संपादक वरिष्ठ कथाकार वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने कहा कि विश्व रंग के अवसर पर देश की दो सौ वर्षों की कथा परंपरा एवं लगभग 600 रचनाकारों को समेटते 18 वृहद खंडों में प्रकाशित कथादेश का लोकार्पण तथा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान का आयोजन भी रचनात्मक गरिमा का प्रतीक बन रहे हैं।

वरिष्ठ रचनाकार बटुक चतुर्वेदी ने कहा कि विश्व रंग महोत्सव महास्वप्न के साकार होने जैसा है। निश्चित ही संतोष चौबे इसके लिए बधाई के पात्र हैं। सभागार में सभी ने खड़े होकर करतल ध्वनि के साथ संतोष चौबे को विश्व रंग के महाआयोजन में सभी की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया। विश्व रंग सृजन संवाद का सफल संचालन वरिष्ठ कवि बलराम गुमास्ता द्वारा किया। बलराम गुमास्ता ने कहा कि विश्व रंग का महाआयोजन साहित्य, कला, संस्कृति के माध्यम से मनुष्यता की पक्षधरता को वैश्विक पटल पर रेखांकित करने का उल्लेखनीय कार्य करेगा।

इस अवसर पर मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि सपने तो हर कोई देखता है। लेकिन संतोष चौबे जैसे व्यक्तित्व अपने सपनों की रचनात्मक दुनियां में सभी को आत्मीयता के साथ सृजनात्मक अवसर प्रदान करते हैं। ‘विश्व रंग’ इसका साक्षात प्रमाण है।

इस अवसर पर शिखर सम्मान से सम्मानित डॉ. लता सिंह मुंशी, श्याम मुंशी, महेन्द्र गगन, गोवुफल सोनी, राजुरकर राज, डॉ. रामवल्लभ आचार्य, डॉ. पुष्पेन्द्र पाल सिंह, महेश सक्सेना, भंवरलाल श्रीवास, देवीलाल पाटीदार, चन्द्रभान राही, कपिल शास्त्री, अनीत सक्सेना, बद्र वास्ती, डॉ. मोहन तिवारी ‘आनंद’ नरेन्द्र दीपक, अशोक निर्मल, साजिद प्रेमी, रमेशचन्द्र नन्द, अशोक व्यग्र, इकबाल मसूद, रजा दुर्रानी, शैलेन्द्र शैली, डॉ. के.पी. सिंह, राकेश सेठी, ममता वाजपेयी, जवाहर सिंह सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा साहित्यकार, साहित्यप्रेमी पत्रिकाओं के संपादक, मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

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