Kharinews

आंध्र की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था काबिले तारीफ : निशंक

Oct
28 2020

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को सराहा है। केंद्र ने आंध्र प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग को विशेष प्रशंसा का पात्र बताया है। दरअसल इस विभाग ने 5-15 वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा सुलभ कराने का प्रयास किया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, इस विभाग ने स्कूलों में बच्चों का नामांकन और उनकी लगातार उपस्थिति सुनिश्चित की है। सरकारी, स्थानीय निकायों और सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा-1 से 5 तक के बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने का राज्य सरकार का प्रयास उल्लेाखनीय है। इस विभाग ने पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति और जनजाति के कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को भी मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई हैं। राज्य के स्कूलों ने बेहतर शिक्षा के प्रयोजन से व्यंक्तिगत अनुकूलक ई-लर्निग का भी सहारा लिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश द्वारा सरकारी, स्थानीय निकायों और सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को पोषक मिड-डे मील उपलब्ध कराने के प्रयास को भी सराहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान और दक्षता में वृद्धि के इस विभाग के प्रयास भी उल्लेखनीय है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा एनआईटी आंध्र प्रदेश में नए भवनों का उद्घाटन किया। इनमें शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास, बालिका छात्रावास, प्रयोगशाला परिसर, कार्यशालाएं शामिल हैं। इसी दौरान उन्होंने आंध्र प्रदेश की मौजूदा शिक्षा पद्धति की चर्चा की।

एनआईटी आंध्र प्रदेश के फेज-1ए में बनाए गए सभी भवन कुल 1,07,250 वर्ग मीटर में निर्मित हैं और इनके निर्माण में 438 करोड़ रुपये का खर्च हुआ

निशंक ने उच्च शिक्षा की बात करते हुए कहा, आंध्र प्रदेश को कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का श्रेय जाता है जैसे कि आंध्रा विश्वविद्यालय, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, नागार्जुन विश्वविद्यालय, जेएनटीयू, डॉ. वाई.एस.आर. बागवानी विश्वविद्यालय, आदि। राज्य सरकार तथा उच्च शिक्षा विभाग के उद्देश्यों में स्नातक और परास्नातक शिक्षा का विकास, उच्च शिक्षा तक पहुंच में सुधार, महाविद्यालयी शिक्षा के विस्तार में निजी सहभागिता को प्रोत्साहन, सरकारी महाविद्यालयों में अवसंरचना का विकास और महाविद्यालयों में शिक्षा के उच्चव मानकों का अनुरक्षण शामिल है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, एनआईटी आंध्र प्रदेश का पश्चिमी गोदावरी जिले में महत्वपूर्ण स्थान है। पश्चिमी गोदावरी जिला दो राज्यी-फार्मूले से सर्वाधिक लाभान्वित हुआ है। एनआईटी आंध्र प्रदेश का अत्यधिक विकास प्रशंसनीय और अतुलनीय है। थोड़े से समय में इस संस्थान का विकसित होना विकास की ²ष्टि से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की भारत सरकार की नीति को प्रमाणित करता है।

उन्होंने कहा कि फेज-1ए, जिसमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन क्लास रूम परिसर, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रयोगशाला परिसर, बालक छात्रावास ब्लॉक, बालिका छात्रावास ब्लॉक, संकाय सदस्यों और कर्मचारी आवास तथा अतिथि गृह शामिल हैं, का सफलतापूर्वक पूरा होना वास्तसव में एक उल्लेखनीय एवं अभूतपूर्व उपलब्धि है, जिस पर आंध्र प्रदेश के हर व्यक्ति को गर्व हो सकता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

Related Articles

Comments

 

यूपी में होम स्टे योजना बनेगी रोजगार का जरिया

Read Full Article

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive