Kharinews

ईरान की संवर्धन क्षमता परमाणु समझौते से पहले के स्तर पर पहुंची

Nov
08 2019

तेहरान, 8 नवंबर (आईएएनएस)। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि 2015 के परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को घटाने के लिए तेहरान द्वारा उठाए गए तीसरे कदम के बाद स्थापित नए सेंट्रीफ्यूजेज के साथ ही देश की संवर्धन क्षमता उस स्तर पर पहुंच गई है, जो समझौते पर हस्ताक्षर से पहले थी।

प्रेस टीवी के अनुसार, ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रवक्ता, बहरोज कमालवंदी ने गुरुवार को एक साक्षात्कार में कहा, (समझौते के तहत ईरान की प्रतिबद्धताओं को घटाने के लिए) उठाए गए तीसरे कदम के बाद स्थापित की गईं नई मशीनों के साथ देश की संवर्धन क्षमता में 2,600 एसडब्ल्यूयू (सेपरेटिव वर्क यूनिट्स) और जुड़ गया है।

आधिकारिक तौर पर संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (जेसीपीओए) के नाम से ज्ञात परमाणु समझौता ईरान और देशों के पी5 प्लस वन समूह -अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन तथा जर्मनी के बीच जुलाई 2015 में वियना में हुआ था।

इस समझौते के बाद तेहरान पर परमाणु संबंधित प्रतिबंधों को हटा लिया गया था। और इसके बदले ईरान ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के कुछ पक्षों में बदलाव किया था।

अमेरिका हालांकि पिछले मई माह में समझौते से अलग हो गया और उसने ईरान के खिलाफ फिर से एकतरफा प्रतिबंध लगा दिए।

इसके जवाब में ईरान ने जेसीपीओए के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को समाप्त करने के लिए इस मई माह में पहले कदम के तहत अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता 300 किलोग्राम की सीमा से आगे बढ़ा दी। यह सीमा समझौते में तय की गई थी।

दूसरे कदम के तहत तेहरान ने यूरेनियम संवर्धन, जेसीपीओए द्वारा तय 3.76 प्रतिशत की शुद्धता सीमा से आगे बढ़कर करने लगा।

देश ने अपने तीसरे कदम के तहत अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को बढ़ाने के लिए उन्नत सेंट्रीफ्यूजेज चालू किए और अनुसंधान एवं विकास के उद्देश्यों के लिए 20 आईआर-4 और 20 आईआर-6 सेंट्रीफ्यूजेज को सक्रिय किए।

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मंगलवार को चौथे कदम की घोषणा की और कहा कि तेहरान अपने फोर्दोऊ संवर्धन केंद्र में सेंट्रीफ्यूजेज में बुधवार को यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (यूएफ6) गैस डालने का काम शुरू करेगा। बुधवार को उन यूरोपीय देशों के लिए समझौते में किए गए उनके वादे पूरे करने के लिए निर्धारित 60 दिनों की समय सीमा समाप्त हो जाएगी, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रेस टीवी के अनुसार, मध्य ईरान में स्थित फोर्दोऊ में 1,044 सेंट्रीफ्यूजेज हैं।

इस बीच, कमालवंदी ने गुरुवार को कहा, तीसरे कदम के बाद कुल 15 नई मशीनें स्थापित की गईं, जिससे हमारी कुल परमाणु उत्पादन क्षमता बढ़कर 2,600 एसडब्ल्यूयू हो गई। आज फोर्दोऊ में काम समाप्त हो गया और चार अतिरिक्त कैसकेड्स के साथ हमारी कुल क्षमता लगभग 700 एसडब्ल्यूयू तक बढ़ जाएगी।

उन्होंने कहा, सारा काम पूरा हो जाने के बाद हमारी कुल संवर्धन क्षमता बढ़कर लगभग 9,500 एसडब्ल्यूयू हो जाएगी, जो जेसीपीओए पर हस्ताक्षर से पहले हमारी क्षमता थी।

--आईएएनएस

Related Articles

Comments

 

घर और पड़ोस को सुरक्षित बनाने की जरूरत : स्मृति ईरानी

Read Full Article
0

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive