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दूसरा प्रोजेक्ट 15बी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक भारतीय नौसेना को सौंपा गया

Nov
24 2022

नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में बनाए जा रहे प्रोजेक्ट 15बी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक के दूसरे जहाज वाई 12705 (मोरमुगाओ) को गुरुवार को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। रक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

जहाज 163 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा है, पूरी तरह से लोड होने पर 7400 टन विस्थापित करता है और इसकी अधिकतम गति 30 समुद्री मील है। फ्लोट और मूव श्रेणियों में असंख्य स्वदेशी उपकरणों के अलावा, विध्वंसक भी प्रमुख स्वदेशी हथियारों के साथ स्थापित किया गया है। परियोजना की समग्र स्वदेशी सामग्री लगभग 75 प्रतिशत है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि विध्वंसक के स्वदेशी उपकरणों में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (बीईएल द्वारा निर्मित), ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें (ब्रह्मोस एयरोस्पेस), स्वदेशी टारपीडो ट्यूब लॉन्चर (लार्सन एंड टुब्रो), एंटी-पनडुब्बी रॉकेट लांचर (लार्सन एंड टुब्रो) और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट (बीएचईएल) शामिल हैं।

भारतीय नौसेना ने कहा कि जहाज पिछले साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस के मौके पर अपनी पहली समुद्री यात्रा के लिए रवाना हुआ था और अब उसे पहुंचा दिया गया है।

नेवी ने कहा कि मोरमुगाओ की डिलीवरी सरकार और भारतीय नौसेना द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के उत्सव के हिस्से के रूप में आत्मनिर्भर भारत की ओर दिए जा रहे प्रोत्साहन की पुष्टि है। कोविड चुनौतियों के बावजूद अनुबंध की तिथि से लगभग तीन महीने पहले विध्वंसक को जल्दी शामिल करना, बड़ी संख्या में हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों के लिए एक ट्रिब्यूट है और इससे हिंद महासागर क्षेत्र में देश की समुद्री शक्ति में वृद्धि होगी।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, चार प्रोजेक्ट 15बी के जहाजों के लिए अनुबंध (पिछले दशक में शुरू किए गए कोलकाता वर्ग (प्रोजेक्ट 15ए) विध्वंसक का अनुवर्ती) 28 जनवरी, 2011 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके प्रमुख जहाज- आईएनएस विशाखापत्तनम को पिछले साल 21 नवंबर को भारतीय नौसेना में शामिल किया जा चुका है।

मंत्रालय ने कहा कि मोरमुगाओ की कील जून 2015 में रखी गई थी और जहाज को 17 सितंबर, 2016 को लॉन्च किया गया था। इस डिजाइन में मोटे तौर पर कोलकाता क्लास के हल फॉर्म, प्रोपल्शन मशीनरी, मोसी प्लेटफॉर्म इक्विपमेंट और प्रमुख हथियारों और सेंसर को बनाए रखा गया है ताकि सीरीज प्रोडक्शन से लाभ उठाया जा सके।

--आईएएनएस

एसकेके/एएनएम

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