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रडार से शिकार के गायब होते ही 5 राज्यों की पुलिस बेहाल

Jan
27 2020

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। जो खबर सही थी ही नहीं, उसे लेकर सोमवार को देश में दिन भर अफवाहों का बाजार गरम रहा। मीडिया और पांच राज्यों की पुलिस सैकड़ों अदालतों में दिनभर भटकती रही इस उम्मीद में कि शिकार खाकी-वर्दी को चकमा देकर कहीं किसी अदालत में सरेंडर न कर गुजरे।

शिकार मगर पुलिस और मीडिया से चार कदम आगे और चतुर निकला। अदालत में समर्पण की बात तो दूर की कौड़ी साबित कर गया। वो पुलिस के रडार से ही गायब हो गया। रडार से शिकार के गायब होते ही, पांच राज्यों की पुलिस हाल-फिलहाल तो पसीने से तर-ब-तर है।

असम, यूपी, अरुणाचल, दिल्ली में शरजील इमाम के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। शरजील जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू) का छात्र नेता है। उस पर आरोप है कि उसने भड़काऊ भाषण दिया। भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही, हिंदुस्तान में बवाल मच गया। शरजील के खिलाफ असम, यूपी, अरुणाचल राज्य में पुलिस ने देशद्रोह का आपराधिक मामला दर्ज कर लिया।

सबसे आखिर में शरजील की जरूरत दिल्ली पुलिस को महसूस हुई। जब पूरे देश को पता चल चुका कि शरजील ने देश को टुकड़े-टुकड़े करने की खुली चुनौती दे दी है, लिहाजा ऐसे में दिल्ली पुलिस को देश में बाकी राज्यों से पहले अपने यहां शरजील के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए था। क्योंकि वह (दिल्ली पुलिस) तो राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस है। जबकि सच्चाई यह है कि सबसे बाद में दिल्ली पुलिस को ही शरजील इमाम अपना शिकार महसूस हुआ। लिहाजा, उसने (शर्मसार दिल्ली पुलिस ने) भी बाकी राज्यों की देखा-देखी और जमाने भर में खुद की छीछालेदर होती देख, शरजील के खिलाफ रविवार को केस दर्ज कर लिया। यह अलग बात है कि जब तक दिल्ली पुलिस को केस दर्ज करने की याद आई, उससे पहले ही भड़काऊ भाषण देकर शरजील इमाम चंपत हो चुका था।

दिल्ली पुलिस चूंकि खुद को देश के बाकी राज्यों की पुलिस से कथित रुप से ज्यादा चतुर-चालाक, चुस्तीला-फुर्तीला समझती है। लिहाजा, दिल्ली में केस दर्ज होते ही बाकी राज्यों ने अपने इस विशेष शिकार यानि शरजील इमाम तक पहुंचने से कथित रूप से हाथ पीछे खींच लिए। यह सोचकर कि अब तो स्कॉलैंड यार्ड की स्टाइल पर काम करने का दम भरने वाली दिल्ली पुलिस शरजील इमाम को दबोच ही लेगी। यह अलग बात है कि अब तक पुलिसिया रडार पर दिखाई दे रहे शरजील के कथित सरेंडर की अफवाहों के चलते सोमवार को दिनभर दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की टीमें राजधानी की अदालतों में गुपचुप छिपी रहीं, ताकि शिकार अगर अदालत में भेष बदलकर सरेंडर करने पहुंचे तो उसे दबोच ले।

दिनभर दिल्ली की अदालतों में बे-वजह ही हांफती रही दिल्ली पुलिस को शाम ढले जो पुख्ता खबर मिली, उसने रही-सही कसर भी पूरी कर डाली।

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के ही एक आला अफसर ने सोमवार रात नाम जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, शिकार हाथ से फिलहाल निकल चुका है। 25 जनवरी शाम ढले तक शरजील इमाम हमारे रडार पर मौजूद था। उसी दिन शाम सात से आठ बजे के बीच वो फुलवारीशरीफ (पटना, बिहार) में एक बैठक में भाषण देकर गायब हो गया। तब से अब तक (सोमवार 27 जनवरी रात आठ बजे तक) वो हमारे (दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच) रडार पर नहीं दिखाई दे रहा है।

पता चला है कि फरार आरोपी शरजील इमाम जदयू नेता रहे अकबर इमाम का बेटा है। उसका परिवार मूलत: जहानाबाद में रहता है। पुलिस ने एक-दिन पहले शरजील इमाम के कुछ रिश्तेदारों/परिचितों को पकड़ा भी था। उससे मगर कोई सुराग अभी तक हासिल नहीं हुआ है।

--आईएएनएस

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