अग्निवीर योजना की वजह से सेना में भर्ती नहीं होना चाहते युवा : सेवानिवृत्त कर्नल रोहित चौधरी

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नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। अग्निवीर योजना पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। संसद में राहुल गांधी की ओर से अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को मुआवजा न मिलने के आरोपों के बाद इस पर एक बार फिर से सियासत तेज हो चुकी है। इसी बीच सेवानिवृत्त कर्नल रोहित चौधरी और सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है।

सेवानिवृत्त कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि सेना पर अगर कोई सवाल उठाता है तो वह हमें बर्दाश्त नहीं है। संसद में अग्निवीर को लेकर कई सवाल आए। दो साल से राहुल गांधी इस मुद्दे को उठा रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कई ऐसे युवा राहुल गांधी से मिले, जो अग्निवीर को लेकर नाराज थे। संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ ने गलत तथ्य रखे। इसको लेकर कन्फ्यूजन हो गया है। हमारे न्याय पत्र में लिखा है कि हम अग्निवीर को खत्म कर देंगे।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने संसद में गलत जानकारी दी। एक अग्निवीर शहीद को एक करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। लेकिन, एक रेगुलर सैनिक को ढाई करोड़ रुपये मिलते हैं।अग्निवीर को शहीद का दर्जा नहीं मिलता। पीएम मोदी की इस योजना से नुकसान हुआ है। चुनाव के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। अग्निवीर योजना की वजह से अब युवा सेना में भर्ती होने के लिए नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारे सैनिकों की संख्या में कमी हो जाएगी। अभी तक 13 अग्निवीर शहीद हो चुके हैं और एक अग्निवीर को ही एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि मिली है। सेना में भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि ये 13 अग्निवीर शहीद हुए हैं या फिर इन सैनिकों ने सुसाइड किया है। सरकार को इस पर एक श्वेत पत्र लेकर आना चाहिए।

सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा कि अग्निवीर योजना को लाने से पहले सरकार ने किसी से बात नहीं की। तीनों सेना के प्रमुखों ने इस योजना को लागू करने से मना कर दिया था। पहले सेना में दस लाख युवा आते थे, अब तीन लाख ही आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार अग्निवीर योजना को तुरंत बंद करें और इस पर श्वेत पत्र लेकर आए।