आम आदमी पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर भड़के बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा

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नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय का घेराव किया। आप ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करके लोकतंत्र पर कुठाराघात कर रही है। इस पर अब दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की प्रतिक्रिया सामने आई है।

वीरेंद्र सचदेवा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा,“ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह का विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं, लेकिन जनता अब इनकी साजिश को समझ चुकी है।“

बीजेपी नेता ने आगे कहा, “दिल्ली में इस समय जलभराव की समस्या सबसे गंभीर है। हल्की सी बारिश के कारण दिल्ली जलमग्न हो गई। मैं आम आदमी पार्टी से पूछना चाहता हूं कि दिल्ली में सरकार आपकी है। नगर निगम आपका है, तो नालों की सफाई समय रहते क्यों नहीं हुई? जब आपको पता था कि कुछ दिनों में दिल्ली में भारी बारिश होगी? चौतरफा जलभराव से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, तो आपने कोई कदम क्यों नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि अगर नालों की सफाई समय रहते हो जाती, तो आज दिल्लीवालों को लंबे जाम से नहीं जूझना पड़ता, लेकिन इन समस्याओं से भागते हुए आम आदमी पार्टी विरोध प्रदर्शन कर रही है, यह उनकी व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है। मैं इसमें नहीं जाना चाहता हूं, लेकिन इस समय सरकार की पहली प्राथमिकता दिल्ली के लोगों को जलभराव से निजात दिलाने की होनी चाहिए। यह समय है, लोगों के लिए काम करने का, दिल्ली के लोगों के साथ खड़े होने का, इसलिए हमने अपने सभी सांसदों को निर्देश दे दिया है कि वो लोगों के पास जाए और उनसे संपर्क स्थापित करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।“

इस बीच, जब वीरेंद्र सचदेवा से शराब घोटाले के संबंध में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “मैं इस संबंध में आपको पहले भी बता चुका हूं कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, जो भी निर्णय आएगा, उसे हम लोग सहर्ष स्वीकार करेंगे, लेकिन हाईकोर्ट के 9 अप्रैल के उस फैसले को ध्यान में रख लेना चाहिए, जिसमें हाईकोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संलिप्तता है और उन्होंने इस नीति में फेरबदल के लिए मोटे पैसे लिए हैं।“