इंडिया की टीम और पीडीए की रणनीति की जीत : अखिलेश यादव

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लखनऊ, 5 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली जीत को इंडिया की टीम और पीडीए की रणनीति की जीत बताया है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “प्रिय उप्र के समझदार मतदाताओं, उप्र में इंडिया गठबंधन की ‘जन-प्रिय जीत’ उस दलित-बहुजन भरोसे की भी जीत है जिसने अपने पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े सभी उपेक्षित, शोषित, उत्पीड़ित समाज के साथ मिलकर उस संविधान को बचाने के लिए कंधे-से-कंधा मिलाकर संघर्ष किया है जो समता-समानता, सम्मान-स्वाभिमान, गरिमामय जीवन व आरक्षण का अधिकार देता है।”

उन्होंने कहा कि ये पीडीए के रूप में पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक-आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े के उस मजबूत गठजोड़ की जीत है, जिसे हर समाज और वर्ग के अच्छे लोग अपने सहयोग व योगदान से और भी मजबूत बनाते हैं।⁠ ये नारी के मान और महिला-सुरक्षा के भाव की जीत है। ये नवयुवतियों-नवयुवकों के सुनहरे भविष्य की जीत है। ⁠ किसान-मज़दूर-कारोबारियों-व्यापारियों की नयी उम्मीदों की जीत है। ये सर्व समाज के सौहार्द-प्रिय, समावेशी सोचवाले समता-समानतावादी सकारात्मक लोगों की सामूहिक जीत है। ये निष्पक्ष, निष्कलंक मीडिया के निरंतर, अथक, निर्भय, ईमानदार प्रयासों की जीत है।⁠ ये संविधान को संजीवनी मानने वाले संविधान-रक्षकों की जीत है। ⁠ये लोकतंत्र के हिमायती-हिम्मती लोगों की जीत है। ये ग़रीब की जीत है। ये लोकतंत्र की जीत है। ये सकारात्मक राजनीति की जीत है। ⁠ये मन के सच्चे और अच्छे लोगों की जीत है। इंडिया की टीम और पीडीए की रणनीति की जीत है। प्रिय मतदाताओं आपने साबित कर दिया है कि जनता की शक्ति से बड़ा न किसी का बल होता है, न किसी का छल। इस बार जनता ही जीती है, शासक नहीं। जनता जीतती रही। आपने हममें जो विश्वास प्रकट किया है, हम उस भरोसे को पूरे दायित्व के साथ कायम रखेंगे और निभाएंगे भी, इसके लिए हार्दिक धन्यवाद, दिल से शुक्रिया और आने वाले नये सकारात्मक समय के लिए अनंत शुभकामनाएं। जनता ज़िंदाबाद।

ज्ञात हो कि सपा ने लोकसभा आम चुनाव में अब तक के अपने इतिहास में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उसने कुल 37 सीटें जीतीं। इस तरह सपा देश की तीसरी बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यह पहला लोकसभा चुनाव था। इसलिए भी अखिलेश के लिए महत्वपूर्ण था।