चीन ने दक्षिण चीन सागर पर फिलिपींस के राष्ट्रपति के कथन का खंडन किया

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बीजिंग, 3 जून (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को फिलिपींस के राष्ट्रपति मार्कोस द्वारा शांग्री ला वार्तालाप में दक्षिण चीन सागर संबंधी बात का खंडन किया।

उन्होंने कहा कि फिलिपींस के संबंधित कथन ने इतिहास और तथ्यों की अनदेखी कर दक्षिण चीन सागर संबंधी गलत विचार का प्रचार किया और वर्तमान समुद्री घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण चीन सागर पर चीन की अविवादित प्रभुसत्ता है और संबंधित सागर पर प्रभुसत्ता और प्रबंधन का अधिकार है। चीन ने सबसे पहले दक्षिण चीन सागर का पता लगाया, नाम दिया और विकास किया। दक्षिण चीन सागर पर चीन की प्रभुसत्ता और समुद्री हितों के पर्याप्त ऐतिहासिक और कानूनी अधिकार हैं। चीन अपने सागर में जो सामान्य गश्ती, कानूनी प्रवर्तन और उत्पादन करता है, वह यूएन महासागर व समुद्र समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय कानूनों से मेल खाता है।

प्रवक्ता ने कहा कि फिलिपींस की भूमि में दक्षिण चीन सागर के द्वीप शामिल नहीं हैं। दक्षिण चीन सागर पर मध्यस्थता मामले का कथित फैसला गैरकानूनी और अप्रभावी है। फिलहाल दक्षिण चीन सागर सवाल पर चीन और फिलिस्तीन के बीच तनाव बढ़ने की पूरी जिम्मेदारी फिलिपींस पर है। वर्तमान में चीन और आसियान देशों की समान कोशिशों से दक्षिण चीन सागर की स्थिति आम तौर पर स्थिर है। चीन अपनी प्रभुसत्ता और समुद्री हितों की डटकर सुरक्षा करता रहेगा। इसके साथ चीन प्रत्यक्ष पक्षों के साथ ऐतिहासिक तथ्यों के सम्मान के आधार पर वार्ता से समुद्र संबंधी मतभेद सुलझाने को तैयार है।

(वेइतुंग)

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)