छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री ने बलोदा बाजार की घटना को असामाजिक तत्वों की करतूत बताई, कार्रवाई का दिया आश्वासन

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रायपुर, 11 जून (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में सतनामी समाज के पवित्र प्रतीक जैतखाम को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद हुए उपद्रव का राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार देर रात जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में असामाजिक तत्वों का हाथ है, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रदर्शनकारियों ने कल जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित संयुक्त जिला कार्यालय में तोड़फोड़ एवं आगजनी की। घटना का जायजा लेने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा देर रात करीब डेढ़ बजे बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी थे। उन्होंने कलेक्टर एव एसपी से घटना की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही पूरे परिसर में हुई आगजनी, जिला पंचायत, कुटुंब न्यायालय एवं जनपद पंचायत कार्यालय सहित शहर का भी मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया।

शर्मा ने घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि भारी संख्या में वाहनों को क्षति पहुंचाई गई है। साथ ही शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। रिकॉर्ड रूम में न जाने कितने दस्तावेज जल चुके हैं, बिल्डिंग को जला दिया गया है जो बड़ी मुश्किल से तैयार होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सम्पति को तबाह करने वाले इस समाज के नहीं हो सकते। पूरे प्रदेश में बाबा गुरु घासीदास को माना जाता है। वह श्वेत ध्वजवाहक हैं तथा शांति के प्रतीक हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले महीने अमर गुफा में जैतखाम को क्षति पहुंचाई गई थी। इस पर पुलिस की जांच से असंतुष्ट समाज के लोगों ने जांच की मांग की थी। सभी प्रकार की चर्चा के पश्चात मुख्यमंत्री के निर्देश पर न्यायिक जांच की घोषणा की गई थी। इस पर समाज के लोगों ने संतुष्टि जाहिर कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए कार्यक्रम रखा था। इसी दौरान असामाजिक तत्वों ने भीड़ में घुसकर घटना को अंजाम दिया है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, संजीव शुक्ला, कलेक्टर के.एल. चौहान, एसपी सदानंद कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को सतनामी समाज के लोग जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के विरोध में प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे थे। इसी दौरान कुछ लोग हिंसा पर उतर आये, वाहनों में आग लगा दी और कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ करने के साथ आगजनी की।