झारखंड : राज्यपाल राधाकृष्णन बोले, विकास योजनाओं में बाधक न बने भ्रष्टाचार, सीएम सोरेन ने गिनाईं उपलब्धियां

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रांची, 26 जनवरी (आईएएनएस)। 75वें गणतंत्र दिवस पर झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और उपराजधानी दुमका में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तिरंगा फहराया। इस मौके पर शानदार परेड का आयोजन हुआ और सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की गईं।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर कार्य शुरू किया है और इसमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भागीदार बनाया जा रहा है। जब हमारा देश स्वतंत्रता के 100 साल पूरे कर लेगा, तब तक विकसित भारत का अभियान भी साकार हो जाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का लगातार प्रयास चल रहा है। भ्रष्टाचार को सरकार की इन योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में बाधक नहीं बनने देना चाहिए। किसी भी रूप में और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मनरेगा योजना के अंतर्गत महिलाएं मेट एवं बागवानी सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। इससे मनरेगा में मानव श्रम में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 48 प्रतिशत हो गई है। ‘आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा पंचायतों तक जाकर योजनाओं को लाभुकों तक पहुंचाया जा रहा है।

उपराजधानी दुमका पुलिस लाइन मैदान में तिरंगा फहराने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल के शासन में सरकार ने लाखों राज्यकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना शुरू की है। 35 लाख जरूरतमंदों को पेंशन, 20 लाख अतिरिक्त लोगों को राशन और 57 लाख से अधिक लोगों को सरकार साल में दो बार वस्त्र प्रदान कर रही है। झारखंड आंदोलनकारियों की पहचान कर उनके आश्रितों और स्वजनों को पेंशन और सम्मान देने की मुहिम चलाई जा रही है। राज्य सरकार अपनी निधि से आवास विहीन और कच्चे घर में रहने वाले करीब 20 लाख परिवारों को तीन कमरों वाला पक्का मकान अबुआ आवास के तहत उपलब्ध कराएगी। सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से सात लाख से अधिक किशोरियों को लाभान्वित किया गया है।

–आईएएनएस

एसएनसी/एबीएम