Monday, July 13, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्ष जांच को तैयार : पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज...

निष्पक्ष जांच को तैयार : पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ

0
103

इस्लामाबाद, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान इस हफ्ते कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या की किसी भी ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के सभी रुपों की आलोचना की है और देश खुद इसका शिकार रहा है।

आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

डॉन.कॉम के मुताबिक काकुल में पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी में पासिंग-आउट परेड को संबोधित करते हुए, शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत बिना किसी विश्वसनीय जांच या सत्यापन योग्य सबूत के आधारहीन और झूठे आरोप पाकिस्तान पर लगा रहा है।

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका को जारी रखते हुए, पाकिस्तान किसी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने के लिए तैयार है।”

इस दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, “मुझे कश्मीर के महत्व को रेखांकित करना होगा, जैसा कि राष्ट्र के संस्थापक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने सही कहा था, कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ दुनिया का अग्रणी देश बताते हुए कहा, “हमने भारी नुकसान उठाया है, जिसमें 90,000 लोग हताहत हुए हैं और 600 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक हानि हुई है।”

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, जैसे कई कदम उठाए हैं।

भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करना और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसे कुछ कदम उठाए हैं।