नीट मामले पर पीएम मोदी बोले, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा

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नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट मामले से आक्रोशित देश के युवाओं को आश्वासन दिया है कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।

मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे हर विद्यार्थी और हर नौजवान से कहेंगे कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत गंभीर है और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कदम उठा रही है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। नीट के मामले में देश भर में गिरफ्तारियां की जा रही हैं। पेपर लीक को लेकर सरकार पहले ही एक कड़ा कानून बन चुकी है और परीक्षा को पुख्ता करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

विपक्षी सांसदों के हंगामे और नारेबाजी के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश हो रही है, गंभीर षड्यंत्र हो रहा है। ये कहा गया कि हिंदू हिंसक होते है। ये हैं आपके संस्कार, ये है आपका चरित्र, ये है आपकी सोच, ये है आपकी नफरत। इस देश के हिंदुओं के साथ ये कारनामे। ये देश शताब्दियों तक इसे भूलने वाला नहीं है।एक सोची-समझी साजिश के तहत इनके पूरे ईको सिस्टम ने हिंदू परंपरा को नीचा दिखाने, अपमानित करने और मजाक उड़ाने को फैशन बना दिया है। सदन में कल का दृश्य देखकर अब हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा कि क्या ये अपमानजनक बयान कोई संयोग है या बड़े प्रयोग की तैयारी है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस के ईको सिस्टम की हर साजिश का जवाब उसे अब उसी की भाषा में मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस को जनादेश को स्वीकार करने की नसीहत देते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में देश की जनता ने हर कसौटी पर कसते हुए और 10 साल के ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर तीसरी बार उन्हें जनादेश दिया है। एनडीए का तीसरी बार सरकार बनाना ऐतिहासिक है। देश की जनता ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। कांग्रेस के इतिहास का ये पहला मौका है जब लगातार तीन बार कांग्रेस 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। कांग्रेस के इतिहास में ये तीसरी सबसे बड़ी हार है, तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। अच्छा होता कि कांग्रेस अपनी हार स्वीकारती, जनता-जनार्दन के आदेश को सिर-आंखों पर चढ़ाती, आत्म-मंथन करती। लेकिन ये तो शीर्षासन करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस और उसका ईको-सिस्टम दिन-रात हिंदुस्तान के नागरिकों के मन में ये स्थापित करने की कोशिश कर रहा है कि उन्होंने हमें हरा दिया है। ऐसा लग रहा है कि आजकल कांग्रेस में छोटे बच्चे का मन बहलाने का काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की पीड़ा समझी जा सकती है, जिन्हें लगातार झूठ चलाने के बाद भी घोर पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि आज कांग्रेस झूठ फैला रही है। ये डिफेंस रिफॉर्म के प्रयासों को कमजोर करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। दरअसल कांग्रेस के लोग कभी भी भारतीय सेनाओं को ताकतवर होते हुए नहीं देख सकते। इन्हें बताना चाहिए कि ये किसके लिए अग्निवीर को लेकर झूठ फैला रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू के समय देश की सेना कमजोर थी। कांग्रेस ने लाखों करोड़ के घोटाले करके देश की सेना को कमजोर किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर सदन में झूठ बोलने और देशवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि माताओं-बहनों को हर महीने 8500 रुपये देने का झूठ बोला, माताओं-बहनों के दिल को जो चोट लगी है, वह कांग्रेस को तबाह करने वाली है। ईवीएम को लेकर झूठ, संविधान को लेकर झूठ, राफेल को लेकर झूठ, बैंकों को लेकर झूठ, हर तरह का झूठ इन्होंने बोला है। इनका हौसला तो इतना बढ़ गया कि कल सदन को भी गुमराह करने का प्रयास हुआ। अग्निवीर को लेकर भी यहां झूठ बोला गया। उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी द्वारा सोमवार को दिए गए भाषण में लगाए गए आरोपों को बालक बुद्धि का विलाप करार दिया।

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि कल जो सदन में हुआ, उसे गंभीरता से लिए बिना हम संसदीय लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर पाएंगे। अब बालक बुद्धि कहकर इन हरकतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, इसके पीछे इरादे नेक नहीं, गंभीर खतरे के हैं। इस सदन की गरिमा को बचाने की जिम्मेदारी आपकी है और सदन एवं देशवासियों की यह अपेक्षा है कि आप सदन में झूठ फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही लोकसभा में बोलने के लिए खड़े हुए विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसके लिए विपक्षी सांसदों और विपक्ष के नेता के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार भी लगाई। विपक्षी सांसद लगातार वेल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहे, हंगामा करते रहे। हंगामे के बीच पीएम मोदी ने न केवल अपना भाषण जारी रखा, बल्कि वेल में आकर नारेबाजी कर रहे विपक्षी सांसद को पीने के लिए पानी का गिलास भी दिया।