पीएम मोदी को भरोसा, तीसरी बार बनेगी सरकार, अफसर रहें युद्ध स्तर पर काम करने को तैयार

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नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद फिर से भाजपा सरकार बनने का भरोसा जताया। साथ ही पीएम मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल का प्लान भी बता दिया। उन्होंने अफसरों को युद्ध स्तर पर काम करने के लिए भी तैयार रहने को कहा।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि देश में नए-नए सेक्टर बन रहे हैं, उनको हम कैसे सपोर्ट करेंगे, इस पर भी पहले से मंथन होना चाहिए। अभी 100 दिन मैं चुनाव में व्यस्त हूं, तो, आपके पास भरपूर समय है, आप सोचकर रखिए। क्योंकि शपथ लेने के दूसरे दिन ही धमाधम काम आने वाला है।

उन्होंने इस बयान के जरिए यह मैसेज भी दे दिया है कि तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वह एक्शन मोड में आ जाएंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने फाइनेंशियल इंक्लूजन पर बहुत काम किया है, डिजिटल पेमेंट पर बहुत काम किया है। इससे हमारे छोटे बिजनेस की रेहड़ी-पटरी वालों की फाइनेंशियल कैपेसिटी में पारदर्शिता अब दिखाई देने लगी है। अब इस जानकारी का उपयोग करते हुए हमें उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। हमें मिलकर अगले 10 वर्षों में एक और बड़ा काम करना है। हमें भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। हमें कोशिश करनी है कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया के संकटों से कम से कम प्रभावित हो। आज भारत ग्लोबल जीडीपी ग्रोथ में 15 प्रतिशत के साथ ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बन रहा है। इन स्थितियों में यह प्रयास होना चाहिए कि हमारा रुपया पूरी दुनिया में ज्यादा एक्सेसिबल भी हो और एक्सेप्टेबल भी हो।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत टूरिज्म में तेजी से आगे बढ़ रहा है और पूरी दुनिया भारत आना चाहती है, भारत देखना चाहती है, भारत को समझना चाहती है। उन्होंने बताया कि मैंने कहीं पढ़ा था कि टूरिज्म से जुड़े एक्सपर्ट ने कहा है कि आने वाले वर्षों में रिलीजियस टूरिज्म में दुनिया का सबसे बड़ा कैपिटल अयोध्या बनने वाला है।

बता दें कि आरबीआई की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने 90 रुपये का एक स्मारक सिक्का भी जारी किया। आरबीआई के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी मौजूद थे।