बिहार में ‘बेचारा’ जैसी स्थिति में फंसी कांग्रेस !

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पटना, 23 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन की नींव रखी गई थी। लेकिन आज महागठबंधन में अब तक सीट बंटवारा नहीं होने पर उनकी एकजुटता पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर जिस तरह से राजद की ओर से प्रत्याशियों को सिंबल बांटे जा रहे हैं और भाकपा ने बेगूसराय सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है, ऐसी स्थिति में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस की स्थिति ‘बेचारा’ वाली बन गई है।

दरअसल, महागठबंधन में अब तक लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजद सूत्रों का दावा है कि कई सीटों के लिए प्रत्याशियों को सिंबल दे दिए गए हैं।

गौर करने वाली बात है कि राजद ने औरंगाबाद से भी प्रत्याशी को सिंबल दे दिया है। औरंगाबाद सीट कांग्रेस की सीट रही है। राजद अगर यहां से चुनाव लड़ती है तो यह पहली बार होगा जब वो यहां से चुनाव लड़ेगी।

इधर, कांग्रेस अपने नेता कन्हैया कुमार के लिए बेगूसराय सीट भी नहीं बचा सकी। भाकपा ने यहां से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा तक कर दी है।

पिछले चुनाव में भाकपा ने यहां से कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया था और 2.50 लाख से अधिक वोट हासिल कर वो दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस इस चुनाव में कन्हैया को यहां से उम्मीदवार बनाना चाहती थी।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को घटक दलों द्वारा टिकट बांटे जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने शुक्रवार को साफ कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

कहा जा रहा है कि कांग्रेस यहां सीट बंटवारे को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है।

इधर, सूत्र यह भी कह रहे हैं कि माकपा ने भी खगड़िया से संजय कुमार को प्रत्यशी बना दिया है, हालांकि इसकी घोषणा नहीं हुई है।

वैसे, राजद द्वारा एकतरफा सिंबल बांटे जाने को लेकर कांग्रेस के अंदरखाने नाराजगी साफ दिख रही है।

एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि पार्टी की फजीहत हो रही है। राजद के लोग ही आज कांग्रेस चला रहे हैं। कांग्रेस कटिहार सीट से पूर्व मंत्री तारिक अनवर को उतारना चाह रही है, लेकिन भाकपा (माले) ने इस सीट पर दावेदारी ठोक दी है।

इधर, राजद की सियासत में लालू प्रसाद के परिवार के एक और सदस्य की एंट्री की भी बात कही जा रही है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य इस चुनाव में सारण सीट से भाग्य आजमा सकती हैं।

बहरहाल, बिहार में राजद द्वारा जहां करीब एक दर्जन प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके है, वही वामपंथी दल ने भी प्रत्याशी घोषित कर दिए है, लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक किसी प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आया है।