नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा के दबाव में हैं, इसीलिए उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बिहार के दरभंगा में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।
राशिद अल्वी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि राहुल गांधी को दरभंगा में कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी जाती है। प्रशासन को अनुमति देने में क्या परेशानी है? अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार गए होते, तो क्या सरकार में उन्हें अनुमति न देने की हिम्मत होती? कांग्रेस के नेता कहीं भी जाएं तो भाजपा की सरकारों के लिए अनुमति देना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, भाजपा के नेता कहीं भी जाएं, उन्हें तुरंत अनुमति मिल जाती है। अल्वी ने कहा कि बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसीलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा के दबाव में इस तरह के फैसले नहीं करने चाहिए।
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ गुनाह ऐसे होते हैं जिनकी माफी नहीं है। कुछ भाजपा नेताओं के दिमाग में हिंदू-मुस्लिम की भावना इतनी भरी हुई है कि इसका नतीजा यह हुआ कि मध्य प्रदेश के एक मंत्री ने ऐसे घिनौने बयान दिए। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि वह अभी भी मंत्री हैं और भाजपा ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, भाजपा ने निंदा तक नहीं की। इससे ज्यादा निंदनीय बात नहीं हो सकती।
सिंधु जल संधि के मुद्दे पर पाकिस्तान की भारत से गुहार पर राशिद अल्वी ने कहा कि यह फैसला भारत सरकार को करना है। हम सब, कांग्रेस पार्टी, विपक्ष और देश, सरकार के साथ खड़े हैं। सरकार पाकिस्तान पर जो भी प्रतिबंध लगाती है, चाहे आयात हो, निर्यात हो या सिंधु जल संधि का मुद्दा हो, यह फैसला सरकार को करना है। लेकिन, सरकार इन मामलों पर विपक्ष से सलाह नहीं लेती है। संघर्ष विराम को लेकर विपक्ष से कोई सलाह नहीं ली गई, फिर भी पूरा विपक्ष भारत सरकार के साथ खड़ा है। सरकार को तय करना चाहिए कि क्या करना है और क्या नहीं करना है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की ओर से ‘जय हिंद सभा’ पर दिए बयान पर राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा का काम है कांग्रेस पर हमला करना। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से लेकर अब तक हम लोग केंद्र सरकार के साथ रहे हैं, लेकिन भाजपा कांग्रेस के साथ लड़ाई लड़ने को ही अपना धर्म मानती है।