भाजपा को बहुमत मिलने पर संविधान विरोधी मुस्लिम आरक्षण को हटाकर पिछड़ा वर्ग को देंगे : अमित शाह

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खीरी, 8 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लखीमपुर खीरी में अजय मिश्रा टेनी के पक्ष में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा को बहुमत ला दीजिए, इस संविधान विरोधी मुस्लिम आरक्षण को समाप्त करके हम पिछड़ा वर्ग को देने का काम करेंगे।

उन्होंने आरक्षण के मामले में विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर अगर किसी ने डाका डाला है, तो वो अखिलेश यादव की साथी पार्टी कांग्रेस ने डाला है। कर्नाटक में उनको बहुमत मिला, तो इन्होंने मुसलमानों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया, वो भी पिछड़ा वर्ग का आरक्षण काटकर। आंध्र प्रदेश में भी जब इनकी सरकार थी, तो इन्होंने पिछड़ा वर्ग का आरक्षण काटकर मुसलमानों को आरक्षण दिया। कांग्रेस, सपा और बसपा वाले झूठा प्रचार करके भाजपा और मोदी सरकार को बदनाम कर रहे हैं। यह कह रहे हैं कि पीएम मोदी को 400 सीट दोगे, तो आरक्षण चला जाएगा।

उन्होंने कहा कि कल ही तीसरे चरण का चुनाव हुआ है। तीन चरणों में ही पीएम मोदी 190 सीटें पार कर गए हैं और चौथे चरण में उनके नेतृत्व में भाजपा और एनडीए, 400 सीटों की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। सपा, बसपा और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। चुनाव पीएम मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के साथ ही 3 करोड़ गरीब बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का चुनाव है। यह चुनाव और 3 करोड़ गरीबों को उनका खुद का घर देने का चुनाव है। यह चुनाव 3 लाख गांवों में डेयरी बनाकर पशुपालन के साथ जुड़े हुए भाई-बहनों को समृद्ध बनाने का चुनाव है।

उन्होंने आगे कहा कि राहुल बाबा कहते हैं कि हम एक झटके में गरीबी मिटा देंगे। अरे, राहुल बाबा अपना ट्रैक रिकॉर्ड देखो, आपकी दादी ने एक झटके में आपातकाल लगाया। आपके पिताजी ने एक झटके में ट्रिपल तलाक को फिर से इंट्रोड्यूस कर दिया और आपकी पार्टी ने एक झटके में पिछड़े समाज का आरक्षण छीनने का काम किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि रामगोपाल यादव राम मंदिर को बेकार बताते हैं। मेरी बात आप याद रखना, अगर जरा भी गलती हुई तो ये राम मंदिर पर बाबरी नाम का ताला लगाने का काम करेंगे। अगर इंडी अलायंस का बहुमत आता है, तो आप मुझे बताइए इनका प्रधानमंत्री कौन बनेगा? इनके पास तो प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी ही नहीं है। जब पत्रकारों ने इनसे पूछा कि कौन बनेगा, तो ये कहते हैं कि बारी-बारी, एक-एक साल बन जाएंगे। इनके पास न नेता है, न नीयत है, न नीति है। इनके पास अगर है, तो केवल परिवारवाद है।