भारतीय नौसेना का जहाज ‘किल्टन’ ब्रुनेई से रवाना

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नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का जहाज ‘किल्टन’ ब्रुनेई से रवाना हो गया है। ‘किल्टन’ यहां आईएन-आरबीएन समुद्री पार्टनरशिप एक्सरसाइज में शामिल हुआ था। दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में ‘किल्टन’ ने मुआरा, ब्रुनेई का दौरा किया है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस यात्रा ने दोनों समुद्री सीमाओं वाले देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। पोर्ट कॉल के दौरान पेशेवर बातचीत, क्रॉस डेक दौरे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान संबंधी गतिविधियां शामिल रहीं।

इस दौरान भारतीय नौसेना का जहाज आगंतुकों के लिए भी खुला था। यहां भारतीय प्रवासी सदस्यों और रॉयल ब्रुनेई नौसेना कर्मियों ने भारतीय समुद्री जहाज का दौरा किया। उन्हें जहाज पर भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं और समृद्ध समुद्री विरासत के बारे में जानकारी दी गई। संबंधों को मजबूती और बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना और रॉयल ब्रुनेई नौसेना के कर्मियों के बीच वॉलीबॉल का मैच खेला गया।

जहाज ने समुद्री साझेदारी अभ्यास में भी भाग लिया। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इन गतिविधियों से अंतर संचालनीयता को और सुदृढ़ करने के लिए एक-दूसरे की रणनीति, तकनीक और प्रक्रिया की समझ बढ़ेगी। इस पोर्ट कॉल का सफल समापन इसकी ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘सागर’ नीतियों के अनुरूप क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है।

भारतीय नौसेना का पोत किल्टन 25 मई को ब्रुनेई के मुरा पहुंचा था। यहां रॉयल ब्रुनेई नौसेना ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती का एक हिस्सा थी। भारतीय नौसेना के इस पोत की यात्रा पेशेवर बातचीत, खेल सम्बन्धों, सामाजिक आदान-प्रदान और सामुदायिक आउटरीच पर केंद्रित रही। यह संबंध दोनों देशों और नौसेनाओं के साझा मूल्यों को प्रदर्शित करती है।

यात्रा भारतीय नौसेना और रॉयल ब्रुनेई नौसेना के बीच समुद्र में समुद्री साझेदारी अभ्यास के साथ समाप्त हुई है। दोनों नौसेनाएं सामरिक कौशल को आगे बढ़ाएंगी जो पारस्परिक श्रेष्ठता और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। गौरतलब है कि आईएनएस किल्टन चार पी 28 पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की कार्वेट में से थर्ड है। इसे स्वदेशी रूप से गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआईएसई), कोलकाता द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एबीएम