मेरी प्राथमिकता ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत देश के टैलेंट को अवसर मिले : पीएम मोदी (आईएएनएस साक्षात्कार)

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नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव की व्यस्तता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत की। इसमें उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधने के साथ-साथ भ्रष्टाचार, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आत्मनिर्भर भारत बनाने सहित कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

पीएम मोदी ने कहा हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं, उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। मेरी प्राथमिकता है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत देश के टैलेंट को अवसर मिले।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं, उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं, सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन एलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है ‘Be American By American’, उस पर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं। लेकिन, मोदी कहता है ‘वोकल फॉर लोकल’ तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो, इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है।

उन्होंने आगे कहा कि जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं। मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जो मिशन है, उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है, उसकी जो प्रोडक्ट है, उसका वैल्यू एडिशन हो, वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा। एक भारत से कितना सामान आप जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभी तक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा… तो, मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।