यूपी कैबिनेट में सुरक्षा गार्डों व शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी

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लखनऊ, 2 जुलाई (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में फैसला लिया गया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के खाली 2,200 पदों पर पुनर्नियुक्ति होगी। इन्हें 25 से 30 हजार मानदेय दिया जाएगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, इसका असर शिक्षण कार्य पर हो रहा है। ऐसी स्थिति में शैक्षणिक कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 2023 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेवा से मुक्त किए गए 2,200 से ज्यादा शिक्षकों को अस्थायी तौर पर 25 हजार और 30 हजार रुपए के मानदेय पर पुनर्नियुक्ति का अवसर दिया जा रहा है। जो शिक्षक कक्षा 9 और 10 में पढ़ाएंगे, उन्हें 25 हजार और जो कक्षा 11-12 में पढ़ाएंगे उन्हें 30 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे।

इस दौरान यूपी एग्रीटेक नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। इसमें कृषि विकास दर को दोगुना करते हुए 20 फीसद करने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने सीएम और राज्यपाल के यहां तैनात 656 सुरक्षा गार्डों और 2,130 शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास किया। सुरक्षा गार्ड को पहले 12,500 रुपए मानदेय मिलता था, इसे बढ़ाकर 22,000 रुपए किया गया। व्यावसायिक शिक्षा में भी एक्सपर्ट का मानदेय बढ़ाया गया है। अब उन्हेें हर दिन 500 की जगह 750 रुपए दिया जाएगा। ऐसे ही हाईस्कूल में तैनात एक्सपर्ट के लिए रोज 400 की जगह 500 रुपए मानदेय तय किया गया है।

वित्त एवं संसदीय मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिस तरह से राजधानी दिल्ली में भारत मंडपम बना है, उसी तरह लखनऊ और वाराणसी में इस प्रकार का बड़ा कन्शन सेंटर या मल्टीपर्पज हॉल बनाया जाएगा, जहां एमएसएमई से जुड़े लोग अपने उत्पादों का डिस्प्ले कर सकेंगे। इसके माध्यम से न सिर्फ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एमएसएमई से जुड़े लोगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से प्रदेश में एमएसएमई के उत्पादन को बहुत बड़ा बूस्ट मिलेगा। इसके अलावा पशुधन कुक्कुट एवं मत्स्य आहार प्रोत्साहन नीति-2024 व उत्तर प्रदेश चारा नीति-02024 को मंजूरी। मवेशियों को कृत्रिम गर्भाधान के लिए पंजीकृत करने वाले कृषकों को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह भी बताया गया कि राज्य में स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन बनेगा। इसके लिए एक्ट लाया जाएगा। मास्टर प्लानिंग और बदलाव प्राधिकरण स्तर पर होंगे। एनओसी भी प्राधिकरण स्तर पर हो सकेगी। यूपी में बड़े निवेश क्षेत्र बनाए जाएंगे। इसके लिए 2 लाख एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इसको विकसित करने के लिए विधिक जामा पहनाया जाएगा। यूपी में शहरीकरण की सुविधा विकसित की जाएगी। बीडा का एरिया 5,000 एकड़ रखा गया है।