शीला दीक्षित को पीएम मोदी ने साक्षात्कार में किया याद, बेटे संदीप दीक्षित ने प्रधानमंत्री की तारीफ में कही ये बात

0
22

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक निजी चैनल को दिए गए साक्षात्कार के वीडियो का हिस्सा शेयर किया है, जिसमें पीएम मोदी दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को याद कर रहे हैं।

इस वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए संदीप दीक्षित ने लिखा, ”हालांकि, हमारे राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत कृपा है कि उन्होंने शीला दीक्षित और उनके योगदान को याद किया। मेरी मां और प्रधानमंत्री मोदी 12 वर्षों तक एक साथ अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री रहे और अक्सर विभिन्न मंचों पर बातचीत करते थे। सार्वजनिक जीवन में ऐसा शिष्टाचार आवश्यक है।”

दरअसल, पीएम मोदी को इस साक्षात्कार में दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को याद करते हुए कहते सुना जा सकता है, एक और मुख्यमंत्री हैं, जो बहुत बड़ी बातें करते हैं, शीला दीक्षित को कितनी गालियां दी और कितना बदनाम किया था और मैं व्यक्तिगत रूप से शीला दीक्षित जी का सम्मान करने वाले व्यक्तियों में से हूं। लेकिन, उनके ऊपर जो आरोप लगाए हैं, वह भी जीवन के आखिरी दिनों में उन्हें जिस तरह से बदनाम किया गया। मैंने उन्हें निकट से देखा है, ये बातें मेरे गले से नहीं उतरती हैं।

दूसरी तरफ शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित की पार्टी से नाराजगी के चर्चे भी जोरों पर रहे हैं। दरअसल, शीला दीक्षित जिस उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं, उसी सीट से सूत्रों के अनुसार पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने पार्टी से टिकट की मांग की थी। लेकिन, उनकी जगह पर पार्टी ने कन्हैया कुमार को अपना उम्मीदवार बना दिया। ऐसे में कांग्रेस ने जब संदीप को इस सीट से उम्मीदवार नहीं बनाया तो पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं और कई नेताओं का असंतोष सामने आ गया।

सूत्रों की मानें तो पार्टी की एक बैठक में तो कन्हैया और संदीप के बीच वाद-विवाद भी हो गया। संदीप ने कन्हैया को इस बैठक में ‘बाहरी’ तक कह दिया था। जबकि, कन्हैया ने तब संदीप को कहा था कि आप भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। हालांकि, बाद में इस पूरे प्रकरण से संदीप दीक्षित यह कहकर अनजान बने रहे कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था।