सरकार न बचाती है न फंसाती है, पप्पू यादव पर लगे आरोप जांच का विषय : प्रेम कुमार

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पटना, 11 जून (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक फर्नीचर व्यापारी ने रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है। जिसके बाद बिहार की सियासत गर्म हो गयी है। इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री प्रेम कुमार ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर कोई ना कोई आरोप लगाया होगा। उसी के आधार पर पुलिस केस दर्ज करके जांच पड़ताल करते हुए आगे की कारवाई करेगी। ये जांच का विषय है। पुलिस देखेगी कि जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार न किसी को फंसाती है, न ही किसी को बचाती है। पुलिस प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई करेगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई करेगी।

बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन एजेंसी की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में राज्य में प्रखंड स्तरीय सब्जी उत्पादक समितियों को सशक्त बनाने हेतु बिहार विधान सभा के प्राक्कलन समिति द्वारा किए गए अनुशंसाओं और निर्देशों के क्रियान्वयन पर विमर्श किया गया।

बैठक में राज्य में सब्जी बिक्री केन्द्रों के निर्माण के लिए स्थानीय नगर निकाय से सम्पर्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही कृषि उत्पादन बाजार समिति की भूमि पर विकसित हो रहे आधारभूत संरचनाओं में योजनान्तर्गत गठित सहकारी समितियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटन करने के लिए कृषि विभाग से समन्वय करने का निर्णय लिया गया।

राज्य के सब्जी उत्पादक किसानों को सस्ते दर पर बिजली मुहैया कराने के लिए उर्जा विभाग से समन्वय करने का निर्णय लिया गया। इनके अलावा राज्य में भंडारण क्षमता के विकास के लिए विभाग द्वारा गोदाम निर्माण की योजना चलाई जा रही है। इस वर्ष विभाग द्वारा 325 गोदामों के निर्माण के लिए लगभग 169 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा शीघ्र ही इस मद में और नए स्वीकृति की प्रक्रिया की जा रही है।

मंत्री प्रेम कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य के पैक्सों में कम्प्यूटराईजेशन किया जाना है, जिससे प्रथम चरण में 4477 पैक्सों में कम्प्यूटाराईजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, इसमें से 299 पैक्सों में कम्प्यूटराईजेशन कार्य “गो-लाईव” हो चुका है। जल्द ही दूसरे चरण में लगभग ढाई हजार पैक्सों में कम्प्यूटराईजेशन की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।

पैक्सों को कस्टम हायरिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पैक्स खाद्य, बीज, कीटनाशक का व्यवसाय करेंगे। इसके साथ किसानों को मिट्टी गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सलाह दे सकेंगे।