हाथरस में जो दुखद घटना घटी, उसका जिम्मेदार कौन? : प्रियंका गांधी

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नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई। इसको लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार योगी सरकार पर निशाना साध रही हैं। वहीं, हाथरस हादसे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रशासन की लापरवाही गिनाते हुए योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाथरस में जो दुखद घटना घटी, उसका जिम्मेदार कौन है?

प्रियंका गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अनुमति से तीन गुना ज्यादा भीड़, मौके पर प्रशासन नहीं, भीड़ मैनेजमेंट का इंतजाम नहीं, भीषण गर्मी से ​बचने का कोई उपाय नहीं, कोई मेडिकल टीम नहीं, घटना के बाद एंबुलेंस नहीं, मदद के लिए फोर्स नहीं, अस्पताल में डॉक्टर और सुविधाएं नहीं..लापरवाहियों की इतनी लंबी लिस्ट, लेकिन किसी की कोई जवाबदेही नहीं। हाथरस में जो दुखद घटना घटी, उसका जिम्मेदार कौन है?”

उन्होंने आगे लिखा, ”कभी पुल गिरने से, कभी ट्रेन एक्सीडेंट से, कभी भगदड़ से सैकड़ों मौतें होती हैं। लीपापोती करने की बजाय सरकार का दायित्व होता है कि कार्रवाई करे और ऐसे हादसों को रोकने की योजना तैयार करे। मगर जवाबदेही तय होती नहीं है और ऐसे हादसे होते रहते हैं। यह बहुत दुखद स्थिति है।”

दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस हादसे में घायलों का हालचाल जानने पहुंचे। सीएम ने डॉक्टरों को सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में घायल हुए लोगों से आज अस्पताल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना और चिकित्सकों से उनके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी का समुचित उपचार शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों और उनके परिवार के साथ खड़ी है। सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति हो, प्रभु श्रीराम से यही प्रार्थना है।

वहीं, हाथरस हादसे पर एसडीएम सिकंदराराऊ ने जिले के डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सत्संग के दौरान पंडाल में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी। सत्संग खत्म होने के बाद नारायण साकार हरि (भोले बाबा) के दर्शन व चरण स्पर्श एवं आशीर्वाद स्वरूप उनकी चरण रज अपने माथे पर लगाने के लिए लोग आगे बढ़े। श्रद्धालु उनके वाहन की ओर दौड़ने लगे, तो बाबा के साथ उनके निजी सुरक्षाकर्मी एवं सेवादारों ने भीड़ के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इससे कुछ लोग नीचे गिर गए।

यहां से भीड़ कार्यक्रम स्थल के सामने खुले खेत की तरफ भागी, जहां सड़क से खेत की ओर उतरने के दौरान ढलान होने के कारण लोग फिसलकर गिर पड़े। इसमें कई महिलाएं व पुरुष और बच्चे हताहत व गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने पीड़ितों को तत्काल एंबुलेंस व अन्य उपलब्ध साधनों से घटनास्थल के आसपास स्थित अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भिजवाया।