हाथरस हादसे के पीड़ित परिवारों ने राहुल गांधी से कहा, शिक्षा पर काम करना जरूरी

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अलीगढ़, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस में नारायण साकार हरि के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को अलीगढ़ के पिलखाना गांव पहुंचे और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की।

एक परिजन मनोज मित्तल ने बताया कि राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही मुआवजा बढ़ाने की भी बात कही है।

मृतका के परिवार की सदस्य ज्योति ने बताया कि राहुल गांधी ने मदद करने की बात कही है। उन्होंने कहा, ”पहले हमारे पिता चल बसे, और अब हमारी मां इस घटना का शिकार हो गई। हम उन्हें ऐसे सत्संग मे जाने के लिए मना करते थे, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। मैं अपनी मां को सही ढंग से देख भी नहीं पाई।”

परिजनों ने राहुल गांधी से न्याय की मांग की है। घटना से गुस्साए एक परिजन ने कहा, ”घटनाएं खत्म नहीं होगी, इस तरह से लाशें बिछती रहेंगी, आप भी देखते रहेंगे, मैं भी देखता रहूंगा। एक-दो लाख देने से कुछ नहीं होगा, जब तक शिक्षा पर काम नहीं होगा। इस देश की सरकार को शिक्षा पर ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहिए। लोगों को जागृत करना चाहिए।”

मृतक परिजनों का आरोप है कि धर्म के नाम पर लोगों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। ये हमारे देश के लोगों के लिए बेहद दुखदायी है। मेरी केंद्र और राहुल गांधी से मांग है कि जो धर्म के नाम पर गलत चीजें जड़ें जमा कर बैठीं है, उसे उखाड़कर शिक्षा पर ध्यान दिया जाए, जिससे ऐसी घटनाएं समाप्त हो।”

उन्होंने बाबा की गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों ने कहा कि अगर सत्संग न होता, तो ये मौतें भी न होती।

राहुल गांधी से पहले 3 जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हाथरस का दौरा किया था। वे अस्पताल में पीड़ित और उनके परिवारों से मिले थे। इधर, हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की पहली बैठक गुरुवार शाम सीतापुर जिले के नैमिषारण्य में हुई।

आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जज बृजेश श्रीवास्तव ने कहा कि बहुत जल्द आयोग की टीम हाथरस जाएगी और सबूत इकट्ठा करेगी। पुलिस ने हाथरस हादसे को लेकर जांच तेज कर दी है। आईजी शलभ माथुर ने बताया कि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के 6 सेवादारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी आयोजन समिति के सदस्य हैं। फरार मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।