इंदौर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर ने कर संग्रहण में बड़ी सफलता हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 में इंदौर नगर निगम ने 1,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त किया है। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे निगम के आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ता कदम बताया है।
नगर निगम की बैठक में कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह परिषद की इस बैठक में मंत्री की हैसियत से नहीं आए हैं, बल्कि इंदौर के नागरिक और विधायक के तौर पर आए हैं।
इंदौर नगर निगम के काम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम बहुत अच्छा काम कर रहा है। इस बार (2024-25 में) 1,000 करोड़ रुपये का कर संग्रह किया गया है, यह एक रिकॉर्ड है। मध्य प्रदेश में किसी भी नगर निगम ने आज तक इतना कर वसूल नहीं किया। यह कर वसूली आत्मनिर्भर निगम बनाने के संकल्प को पूरा करेगी।
मध्य प्रदेश की नगर निगम और नगर पालिकाओं की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य की सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं की हालत यह है कि भोपाल से पैसा भेजा जाता है, तब जाकर तनख्वाह बंटती है। लेकिन इंदौर नगर निगम ने इस साल इतना कर वसूल लिया है कि अब तनख्वाह की चिंता नहीं रही। अब जो भी पैसा दिल्ली या भोपाल से आएगा, वह शहर के विकास के लिए आएगा।
इंदौर की पहचान देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में है। इतना ही नहीं, स्वच्छता के मामले में इंदौर छह बार खिताब भी जीत चुका है। इसके साथ ही अब निगम ने कर वसूली के मामले में एक नया कीर्तिमान बनाया है। इसके लिए राजनेताओं ने स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है।