कोलंबो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज हो चुका है। टॉस के बाद जब भारत ने अपनी प्लेइंग-11 का ऐलान किया, तो उसमें ऋषभ पंत का नाम नहीं था। टीम मैनेजमेंट के इस फैसले से हर कोई हैरान था।
केएल राहुल वनडे फॉर्मेट में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज टीम की पहली पसंद हैं लेकिन माना जा रहा था कि पंत की वनडे टीम में वापसी होगी क्योंकि वो बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और स्पेशलिस्ट विकेटकीपर भी हैं। मगर टीम इंडिया को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल और ऋषभ पंत के बीच एक खिलाड़ी को चुनना था। ये टीम के लिए काफी मुश्किल फैसला था लेकिन अंत में फैसला केएल राहुल के हक में हुआ।
ऋषभ पंत को बाहर करने की कोई खास वजह तो नजर नहीं आई लेकिन मुमकिन है कि मिडिल ऑर्डर में बैटिंग कॉम्बिनेशन एक बड़ी वजह हो सकती है। दरअसल मिडिल ऑर्डर में बांए हाथ के बल्लेबाज शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर हैं। ऐसे में अगर पंत भी मिडिल ऑर्डर में होते तो टीम इंडिया का संतुलन बिगड़ सकता था।
साथ ही, आईपीएल और टी20 विश्व कप खेलने के बावजूद ऋषभ पंत की फिटनेस पर सस्पेंस बना हुआ है। सीरीज से पहले कई बार ये सवाल उठ चुका है कि क्या ऋषभ पंत एक्सीडेंट के बाद वनडे फॉर्मेट खेलने के लिए तैयार हैं। पंत को वनडे मैच खेले करीब-करीब 2 साल होने वाले हैं।
अगर बात केएल राहुल की करे तो, वो आईपीएल के बाद से ही टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उन्हें टी20 विश्व कप की टीम में भी जगह नहीं मिली। वनडे फॉर्मेट में केएल राहुल का रिकॉर्ड पंत के मुकाबले अच्छा है। साथ नंबर-5 के लिए वो इस फॉर्मेट में बेस्ट ऑप्शन रहे हैं। साथ ही उनकी विकेटकीपिंग भी अच्छी है। बता दें, नवनियुक्त कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में वनडे कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली पहली बार खेल रहे हैं। कोच और कप्तान दोनों ने अपनी समझ और रणनीति के बल पर श्रीलंका के खिलाफ एक मजबूत टीम मैदान में उतारी है।


