करण जौहर संग अमृतसर पहुंचे गिप्पी ग्रेवाल, स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था

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अमृतसर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल और फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर शुक्रवार को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब स्वर्ण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका और अपकमिंग फिल्म ‘अकाल’ के लिए आशीर्वाद लिया। स्वर्ण मंदिर पहुंचे ग्रेवाल और जौहर के साथ फिल्म की टीम भी नजर आई।

‘अकाल’ 12 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जिसके अरदास के लिए उन्होंने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। मीडिया से बातचीत के दौरान गिप्पी ग्रेवाल ने कहा, “ यहां आकर अच्छा लगा, हमने अरदास की। आप सभी का शुक्रिया।“

‘अकाल: द अनकॉन्क्वेर्ड’ फिल्म 1840 दशक के पंजाब पर आधारित है। यह सरदार अकाल सिंह और उनके गांव की कहानी को पेश करेगी। जिसमें महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद जंगी जहान और उनकी सेना हमले का सामना करते हैं।

फिल्म में गिप्पी ग्रेवाल के साथ पंजाबी अभिनेत्री-गायिका निमरत खैरा भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। हाल ही में समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में निमरत ने बताया कि उन्हें इतिहास पढ़ना पसंद है। निमरत ने बताया, “सच कहूं तो, मैंने पहले बहुत ज्यादा इतिहास नहीं पढ़ा था। मैंने हाल ही में इसे पढ़ना शुरू किया है। जैसे-जैसे मैंने पढ़ना शुरू किया, मेरी रुचि काफी बढ़ गई। खास तौर पर सिख साम्राज्य का इतिहास, जिस पर महाराजा रणजीत सिंह ने 40 साल तक शासन किया। जब मैंने उसे पढ़ा, तो मुझे ताकत का अहसास हुआ। उसके बाद, मैंने हरि सिंह नलवाजी, शाम सिंह अटारीवाला जी, बाबा बंदा सिंह बहादुर को पढ़ा।”

बता दें, गिप्पी ग्रेवाल न ‘केवल’ अकाल में अभिनय कर रहे हैं, बल्कि प्रोजेक्ट के निर्देशक और लेखक के रूप में भी हैं। फिल्म में निमरत खैरा, अपिंदरदीप सिंह, मीता वशिष्ठ, प्रिंस कंवलजीत सिंह, निकितिन धीर, गुरप्रीत घुग्गी, शिंदा ग्रेवाल, एकोम ग्रेवाल और जग्गी सिंह जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।

‘अकाल’ 10 अप्रैल, 2025 को पंजाबी और हिंदी में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

करण जौहर ‘अकाल’ के साथ पंजाबी फिल्म में डेब्यू करने जा रहे हैं। करण जौहर ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ने पर गर्व व्यक्त करते हुए एक नोट शेयर किया और उसमें लिखा था, “पंजाबी सिनेमा में शुरुआत के साथ टैलेंटेड गिप्पी ग्रेवाल संग जुड़ने पर गर्व है। ‘अकाल’ न केवल पंजाब की संस्कृति और इतिहास का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि मुझे विश्वास है कि यह पूरे भारत और उससे परे लोगों के साथ गहरे स्तर पर जुड़ सकेगा। यही वजह है कि हमें ‘अकाल’ को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी में रिलीज होने वाली पहली पंजाबी फिल्म के रूप में पेश करने पर और भी गर्व है…ताकि सिनेमा का जादू सीमाओं से परे भी जीतता रहे।”