वाराणसी: 28 जुलाई/ गुरुपूर्णिमा महोत्सव पर अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव (वाराणसी) में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में श्री सर्वेश्वरी समूह ने वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए जनसेवा कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने संस्था की वार्षिक पत्रिका ‘अघोरेश्वर-स्मारिका वर्ष 2026’ का लोकार्पण किया।
पत्रकारों से बातचीत में बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि आज का युवा आधुनिकता की चकाचौंध में अपने बड़े-बुजुर्गों और संत-महापुरुषों के बताए मार्ग से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रभावशाली लोगों को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, क्योंकि उनके आचरण का व्यापक प्रभाव समाज पर पड़ता है। उन्होंने चिंता जताई कि राष्ट्र और समाज के उत्थान की भावना कमजोर हुई है तथा लोगों के आचरण में गिरावट के कारण प्रकृति भी असंतुलित हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप कहीं अतिवृष्टि, कहीं सूखा तो कहीं भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि “अघोर और औघड़ सहज हैं, लेकिन सुगम नहीं।”
वर्षभर में 88 हजार से अधिक मरीजों का उपचार
संस्था के मंत्री डॉ. एस.पी. सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि गुरुपूर्णिमा 2025 से गुरुपूर्णिमा 2026 के बीच देशभर में संस्था की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से 88,390 मरीजों का उपचार किया गया। इस दौरान रक्तदान शिविरों के साथ कई स्थानों पर पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
पर्यावरण संरक्षण में बनाया रिकॉर्ड
उन्होंने बताया कि संस्था ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। वर्षभर में 2 लाख 10 हजार 500 से अधिक पौधे लगाए गए। संस्था की पहल पर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दो लाख से अधिक सीड बॉल (बीज गोले) पहाड़ियों पर बिखेरे गए, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला। वहीं मध्यप्रदेश के नरसिंहगढ़ में स्वयंसेवकों ने एक लाख से अधिक बीज गोले रोपित किए।
आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार और सेवा
जशपुर आश्रम में चाय की खेती के माध्यम से स्थानीय आदिवासियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष वहां पिपरमेंट और कोको की खेती भी शुरू की गई है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।
संस्था ने गर्मी के दौरान राहगीरों के लिए पनशालाएं संचालित कीं तथा पक्षियों के संरक्षण के लिए गांवों और शहरों में दाना-पानी की व्यवस्था कराई। इसके अलावा देशी गोपालन, देशी बीज संरक्षण और जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया गया।
दूरस्थ गांवों तक पहुंची सेवा
डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के दुर्गम पहाड़ी गांव बचवार में रहने वाले पहाड़ी कोरबा, कोड़ाकू और नगेशिया जनजाति के लोगों तक स्वयंसेवक दस किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे और उन्हें कंबल व अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की।
उन्होंने बताया कि गांव के 85 वर्षीय एक बुजुर्ग ने भावुक होकर कहा कि आज तक शासन, प्रशासन या किसी संस्था का कोई व्यक्ति सेवा कार्य के लिए उनके गांव नहीं पहुंचा था।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता पर विशेष जोर
संस्था ने महिला एवं युवा स्वयंसेवकों के सहयोग से अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, बाढ़ राहत शिविरों और ग्राम देवी मंदिरों में सफाई अभियान चलाए तथा फल, ब्रेड, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की।
सर्वधर्म समभाव को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में झाड़ू और अगरबत्ती वितरित की गई। मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मच्छरदानियां बांटी गईं तथा राष्ट्रीयता और सदाचार का संदेश देने के लिए आमजन और कारागारों में अघोर साहित्य का वितरण किया गया।
विद्यार्थियों का सम्मान, गरीब बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था
अवधूत भगवान राम नर्सरी विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र और छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वहीं काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को अघोराचार्य बाबा कीनाराम, बाबा राजेश्वर राम, अघोरेश्वर भगवान राम तथा बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कई विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्कूल बैग, कॉपी, पुस्तकें, लेखन सामग्री और खेलकूद सामग्री वितरित की गई। संस्था द्वारा गरीब परिवारों के बच्चों के लिए निःशुल्क भोजन, आवास और शिक्षा की व्यवस्था भी संचालित की जा रही है।
सादगीपूर्ण विवाह और पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस
श्री सर्वेश्वरी समूह ने बताया कि संस्था ने वर्षभर आडंबर और फिजूलखर्ची से दूर सादगीपूर्ण विवाहों को प्रोत्साहित किया। संस्था विशेष रूप से उन पिछड़े क्षेत्रों में सेवा कार्यों को प्राथमिकता देती है, जहां मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों का अभाव है।
पत्रकार सम्मेलन में संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. ब्रजभूषण सिंह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के प्रमुख वैद्य बैकुंठनाथ पाण्डेय, प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. बामदेव पाण्डेय तथा वरिष्ठ पत्रकार दलीप सिंह ने भी पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए।


