झारखंड में चैत्र नवरात्रि और रामनवमी पर मांसाहार की बिक्री पर रोक की भाजपा ने उठाई मांग

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रांची, 25 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में चैत्र नवरात्रि और रामनवमी पर मांसाहार की बिक्री पर प्रतिबंध की मांग उठाई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर नवरात्रि और रामनवमी के दौरान मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए।

हजारीबाग के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी मांग की है कि हजारीबाग शहर में बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले रामनवमी महोत्सव के दौरान क्षेत्र में नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए और यदि ऐसा नहीं होता है तो वे स्वयं जनता से ऐसा करने की अपील करेंगे।

भाजपा नेताओं की इस मांग पर झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा है कि रामनवमी जैसे पर्व पर राज्य में जो भी व्यवस्थाएं लागू होती हैं, वही हजारीबाग में भी लागू रहेंगी।

मंत्री ने कहा, ”रामनवमी एक पवित्र पर्व है और पूरे राज्य में इन दिनों मांसाहार की बिक्री पर रोक होती है। हजारीबाग भी इससे अछूता नहीं रहेगा। हालांकि, यदि इन मुद्दों के आधार पर किसी भी तरह से समाज को बांटने या भड़काने की कोशिश की जाती है, तो प्रशासन विशेष निगरानी रखेगा।”

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि को कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कुछ राजनीतिक दल अनावश्यक बहस करके जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि देश को विकास, शांति और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता है।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मांसाहार पर प्रतिबंध की भाजपा नेताओं की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी हास्यास्पद मुद्दे उठाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब कर रही है। क्या खाना है और क्या नहीं खाना है, इस पर बात करने का क्या मतलब है। कोई व्यक्ति नॉन-वेजेटेरियन है, तो यह उसकी मर्जी है। जिसे वेज खाना है, वह वेज खाए। नवरात्रि में हम भी नॉनवेज नहीं खाते हैं तो इसमें कौन सी बड़ी बात है।

अंसारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता महंगाई पर बात नहीं करते। सेंसेक्स का भट्ठा बैठ गया है, उस पर केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही। इन जरूरी मुद्दों पर बात नहीं हो, इसलिए ये लोग वेज-नॉनवेज की बहस चलाने की कोशिश कर रहे हैं।