तिरुची (तमिलनाडु), 3 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु के तिरुची जिले के तिरुचेंदुरई गांव के लोगों ने लोकसभा में पारित वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का स्वागत किया है। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है। यह विधेयक लोकसभा में बहुमत से पारित हो गया है, अब इस पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है, जिसके बाद मतदान होगा।
दरअसल, तमिलनाडु वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एपी रबियुल्लाह ने 11 अगस्त 2022 को त्रिची जिले के पंजीकरण विभाग को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि तिरुचेंदुरई सहित कई गांवों की जमीनें वक्फ बोर्ड की संपत्ति हैं। उन्होंने निर्देश दिया था कि इन जमीनों को बिना बोर्ड की अनुमति के बेचा, ट्रांसफर या गिरवी नहीं रखा जा सकता है।
इस फैसले से स्थानीय निवासी हैरान रह गए थे और भाजपा नेताओं के साथ मिलकर उन्होंने वक्फ बोर्ड के इस निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने अपना नोटिस वापस ले लिया और जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि तिरुचेंदुरई गांव में भूमि खरीदने और बेचने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अब, जब वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश और पारित हो चुका है, तिरुचेंदुरई गांव के लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है।
इस संबंध में गांव के निवासी चंद्रशेखरन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यह विधेयक पेश किया और लोकसभा में पारित किया, जो 100 प्रतिशत सही है। वक्फ बोर्ड की संपत्तियां केवल भारतीय मुसलमानों की नहीं, बल्कि पूरे भारत के लोगों की हैं। इन पर विदेशी शक्तियों का नियंत्रण है।”
उन्होंने कहा कि अगर कोई भी पार्टी वक्फ बोर्ड का समर्थन करती है, तो वह निष्पक्ष नहीं होगी और यह तमिलनाडु व अन्य राज्यों के मुस्लिम संपत्ति मालिकों के साथ अन्याय होगा। हमें उन सरकारों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए, जो हजारों वर्षों से कई समुदायों द्वारा उपयोग की जा रही इन संपत्तियों को जबरदस्ती हथियाने के प्रयासों का समर्थन नहीं करती हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह विधेयक विवादित वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अनियमितताओं को रोकने में सहायक होगा और इससे सभी धर्मों के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे।